ग्रेटर नोएडा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान चिकित्सकीय उपकरण, दवाई व ऑक्सीजन की किल्लत का सामना करना पड़ा। भविष्य में इस तरह की समस्या से बचने के लिए प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को चिकित्सा से संबंधित उपकरण व दवाइयों संबंधी इकाई संचालित करने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है। ऐसी इकाइयां स्थापित करने के लिए 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी देने का फैसला लिया गया है। हालांकि एक साल में इकाई स्थापित करने की शर्त भी रखी गई है।
जिला उपायुक्त उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के मुताबिक, जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का व्यापक असर पड़ा है। कई लोगों ने अपने परिवार को खोया है। लोगों को ऑक्सीजन व बेड की किल्लत का सामना करना पड़ा। भविष्य में इस तरह की परेशानी से बचने के लिए बेड, मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर, रेगुलेटर, टैंकर्स आदि के निर्माण की इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश सरकार, महामारी से निपटने के लिए शार्ट टर्म स्कीम के तहत एक साल के भीतर मेडिकल से जुड़े आवश्यक उपकरणों की इकाइयां स्थापित करने वालों को 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी मुहैया कराएगी। इसका लाभ नई इकाइयों के साथ अपनी क्षमता का विस्तार करने वाली इकाइयों को भी दिया जाएगा। इसके लिए न्यूनतम 20 लाख रुपये के पूंजी निवेश की शर्त रखी गई है। जिला उपायुक्त उद्योग अनिल कुमार ने बताया कि आवेदकों की इकाई की स्थापना एवं संचालन संबंधी सभी प्रकार की अनापत्तियों का निस्तारण 72 घंटे में कर दिया जाएगा।