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14 साल से सूखी बनारसी नहर में पहली बार आये पानी से किसानों के चेहरे खिले।
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14 साल से सूखी बनारसी नहर में पहली बार आया पानी
- किसानों के खिले चेहरे, अमर उजाला को कहा धन्यवाद
फिरोजपुर झिरका। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बनारसी नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों ने कहा कि नहर में पानी छुड़वाने के लिए पिछले कई साल से नेताओं से लेकर अधिकारियों तक चक्कर काट कर वे हताश हो गए थे। लेकिन जो काम किसी ने नहीं किया वह अमर उजाला की खबर ने कर दिखाया है।
मरोड़ा के इस्माइल, झिमरावट के जमील, नसीब खां, खालिद, साहुन, जलालपुर के नसीब, रोनपुर के जावेद आदि सैकड़ों ग्रामीणों ने कहा कि बनारसी नहर में पिछले 14 साल से एक बूंद पानी नहीं आया है। जिससे जलस्तर काफी नीचे चला गया है और किसानों को फसल सिंचाई में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि अमर उजाला ने 20 जनवरी के अंक में बनारसी नहर की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद नहर में पहली बार 14 साल गुजरने के पश्चात पानी देखने को मिला है। नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों के लिए नहर में आया पानी किसी त्योहार की खुशी से कम नहीं था।
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ग्रामीणों ने नहर में पानी आने के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया। ग्रामीणों ने कहा कि भले ही नहर में कम पानी आने से पर्याप्त सिंचाई न हो पाए लेकिन निरन्तर थोड़ी पानी आने से दो दर्जन गांवों के किसानों की भूमि का जल स्तर नीचे खिसकना बंद हो जाएगा।
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- किसानों के खिले चेहरे, अमर उजाला को कहा धन्यवाद
फिरोजपुर झिरका। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बनारसी नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों ने कहा कि नहर में पानी छुड़वाने के लिए पिछले कई साल से नेताओं से लेकर अधिकारियों तक चक्कर काट कर वे हताश हो गए थे। लेकिन जो काम किसी ने नहीं किया वह अमर उजाला की खबर ने कर दिखाया है।
मरोड़ा के इस्माइल, झिमरावट के जमील, नसीब खां, खालिद, साहुन, जलालपुर के नसीब, रोनपुर के जावेद आदि सैकड़ों ग्रामीणों ने कहा कि बनारसी नहर में पिछले 14 साल से एक बूंद पानी नहीं आया है। जिससे जलस्तर काफी नीचे चला गया है और किसानों को फसल सिंचाई में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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ग्रामीणों ने कहा कि अमर उजाला ने 20 जनवरी के अंक में बनारसी नहर की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद नहर में पहली बार 14 साल गुजरने के पश्चात पानी देखने को मिला है। नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों के लिए नहर में आया पानी किसी त्योहार की खुशी से कम नहीं था।
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ग्रामीणों ने नहर में पानी आने के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया। ग्रामीणों ने कहा कि भले ही नहर में कम पानी आने से पर्याप्त सिंचाई न हो पाए लेकिन निरन्तर थोड़ी पानी आने से दो दर्जन गांवों के किसानों की भूमि का जल स्तर नीचे खिसकना बंद हो जाएगा।