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सेक्टर संवाद: सुरक्षा ताक पर, जिंदगी दांव पर
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:44 AM IST
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संवाद
स्लम में तब्दील हो रहा सेक्टर, मूकदर्शक बने अधिकारी
दहशत के साये में जी रहे सेक्टर-45 निवासी, प्राधिकरण पर अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिंदगी भर की जमापूंजी लगाकर आशियाना बनाया, फिर भी लोग किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं। प्राधिकरण की लापरवाही सेक्टर-45 के निवासियों पर भारी पड़ रही है। सेक्टर के आसपास अवैध कब्जे और स्लम तेजी से बढ़ रहे हैं। चारदीवारी नहीं होने से स्थानीय लोग दिन हो या रात दहशत के साये में जी रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर से सदरपुर गांव सटा हुआ है। प्राधिकरण की करीब 100 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। स्लम तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन वह सुध लेने को तैयार नहीं है। पांच साल से जमीन की पैमाइश का काम पूरा नहीं हो सका है। अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बताया कि आरडब्ल्यूए ने सेक्टर की सुरक्षा के लिए करीब 12 गेट लगवाए हैं, लेकिन चारदीवारी न होने से सुरक्षा पुख्ता नहीं हो पा रही है। सेक्टर स्लम बन चुका है। आसपास बसे 500 से ज्यादा बांग्लादेशी सबसे बड़ी परेशानी हैं। आए दिन गेट तोड़ दिए जाते हैं। वाहन चोरी हो जाते हैं। वारदात को अंजाम देकर असामाजिक तत्व आसानी से भाग जाते हैं। न पुलिस को और न ही प्राधिकरण को स्थानीय लोगों की कोई फिक्र है। गांव में ज्यादातर मकान किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले मिले पांच प्रतिशत कोटे के भूखंडों पर बने हैं। करीब 400 मकान यहां हैं। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता न होने की वजह से लोग यहां रहने से कतराते हैं।
फ्लैट बनाकर बेच रहे भूमाफिया
प्राधिकरण की करीब 100 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। भूमाफिया यहां फ्लैट बनाकर बेच रहे हैं। छह-छह मंजिला इमारतें खड़ी हो रही हैं। पांच साल से प्राधिकरण जमीन की पैमाइश की बात कर रहा है, लेकिन अरबों की जमीन को बचाने के लिए किसी ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है।
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पैमाइश करने पहुंची टीम
संवाद के तहत सेक्टर-45 के दौरे की खबर मिलते ही प्राधिकरण अधिकारी हरकत में आए। शनिवार दोपहर तहसीलदार सहित पूरी टीम प्राधिकरण की जमीन की पैमाइश करने पहुंची। हालांकि, इस काम को अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके अलावा लंबे समय से ड्रेनेज सिस्टम ओवर फ्लो होने की शिकायत कर रहे निवासियों का भी प्राधिकरण ने सुध लिया।
सेक्टर-45 में अधिकांश लोग सदरपुर, बरौला और सुल्तानपुर गांव से आकर बसे हैं। जमीन अधिग्रहण के बदले पांच प्रतिशत प्लॉट यहां आवंटित किए गए थे, लेकिन प्राधिकरण से पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।
योगेंद्र शर्मा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
जो लोग मुआवजे की राशि उठा चुके हैं, उन्होंने आज तक जमीन घेरकर रखी है। सेक्टर से सटी प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जों का जाल फैलता जा रहा है। सेक्टर बताकर गांव की जमीन पर आशियाने बेचे जा रहे हैं।
पीके गुप्ता, निवासी
सेक्टर में समस्याओं का अंबार है। प्राधिकरण की लापरवाही ने सेक्टर को मजाक बनाकर रख दिया है। चारदीवारी न होने से सेक्टर में आसानी से बाहर के लोग प्रवेश कर जाते हैं। समस्याओं से छुटकारा दिलाया जाए।
ओमवीर शर्मा, निवासी
सुरक्षा के लिए चारदीवारी जरूरी है, लेकिन कई साल से इस मांग को प्राधिकरण अनदेखा कर रहा है। प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
अशोक चौधरी, निवासी
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स्लम में तब्दील हो रहा सेक्टर, मूकदर्शक बने अधिकारी
दहशत के साये में जी रहे सेक्टर-45 निवासी, प्राधिकरण पर अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिंदगी भर की जमापूंजी लगाकर आशियाना बनाया, फिर भी लोग किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं। प्राधिकरण की लापरवाही सेक्टर-45 के निवासियों पर भारी पड़ रही है। सेक्टर के आसपास अवैध कब्जे और स्लम तेजी से बढ़ रहे हैं। चारदीवारी नहीं होने से स्थानीय लोग दिन हो या रात दहशत के साये में जी रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर से सदरपुर गांव सटा हुआ है। प्राधिकरण की करीब 100 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। स्लम तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन वह सुध लेने को तैयार नहीं है। पांच साल से जमीन की पैमाइश का काम पूरा नहीं हो सका है। अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बताया कि आरडब्ल्यूए ने सेक्टर की सुरक्षा के लिए करीब 12 गेट लगवाए हैं, लेकिन चारदीवारी न होने से सुरक्षा पुख्ता नहीं हो पा रही है। सेक्टर स्लम बन चुका है। आसपास बसे 500 से ज्यादा बांग्लादेशी सबसे बड़ी परेशानी हैं। आए दिन गेट तोड़ दिए जाते हैं। वाहन चोरी हो जाते हैं। वारदात को अंजाम देकर असामाजिक तत्व आसानी से भाग जाते हैं। न पुलिस को और न ही प्राधिकरण को स्थानीय लोगों की कोई फिक्र है। गांव में ज्यादातर मकान किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले मिले पांच प्रतिशत कोटे के भूखंडों पर बने हैं। करीब 400 मकान यहां हैं। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता न होने की वजह से लोग यहां रहने से कतराते हैं।
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फ्लैट बनाकर बेच रहे भूमाफिया
प्राधिकरण की करीब 100 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। भूमाफिया यहां फ्लैट बनाकर बेच रहे हैं। छह-छह मंजिला इमारतें खड़ी हो रही हैं। पांच साल से प्राधिकरण जमीन की पैमाइश की बात कर रहा है, लेकिन अरबों की जमीन को बचाने के लिए किसी ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है।
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पैमाइश करने पहुंची टीम
संवाद के तहत सेक्टर-45 के दौरे की खबर मिलते ही प्राधिकरण अधिकारी हरकत में आए। शनिवार दोपहर तहसीलदार सहित पूरी टीम प्राधिकरण की जमीन की पैमाइश करने पहुंची। हालांकि, इस काम को अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके अलावा लंबे समय से ड्रेनेज सिस्टम ओवर फ्लो होने की शिकायत कर रहे निवासियों का भी प्राधिकरण ने सुध लिया।
सेक्टर-45 में अधिकांश लोग सदरपुर, बरौला और सुल्तानपुर गांव से आकर बसे हैं। जमीन अधिग्रहण के बदले पांच प्रतिशत प्लॉट यहां आवंटित किए गए थे, लेकिन प्राधिकरण से पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।
योगेंद्र शर्मा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
जो लोग मुआवजे की राशि उठा चुके हैं, उन्होंने आज तक जमीन घेरकर रखी है। सेक्टर से सटी प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जों का जाल फैलता जा रहा है। सेक्टर बताकर गांव की जमीन पर आशियाने बेचे जा रहे हैं।
पीके गुप्ता, निवासी
सेक्टर में समस्याओं का अंबार है। प्राधिकरण की लापरवाही ने सेक्टर को मजाक बनाकर रख दिया है। चारदीवारी न होने से सेक्टर में आसानी से बाहर के लोग प्रवेश कर जाते हैं। समस्याओं से छुटकारा दिलाया जाए।
ओमवीर शर्मा, निवासी
सुरक्षा के लिए चारदीवारी जरूरी है, लेकिन कई साल से इस मांग को प्राधिकरण अनदेखा कर रहा है। प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
अशोक चौधरी, निवासी