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चुनाव चिन्ह हासिल करने मामला-- चुनाव अधिकारियों को रिश्वत देने के मामले में दिनाकरण के खिलाफ आरोप तय
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:39 PM IST
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रिश्वत मामले में दिनाकरण के खिलाफ आरोप तय
चुनाव चिह्न हासिल करने का मामला
17 दिसंबर को होंगे गवाहों के बयान और अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने दो पत्ती वाला चुनाव चिह्न हासिल करने के लिए चुनाव अधिकारियों को रिश्वत देने के मामले में अन्नाद्रमुक के पूर्व नेता टीटीवी दिनाकरण के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा-120 बी (आपराधिक साजिश रचने), 201 (साक्ष्यों को नष्ट करने) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आपराधिक षड्यंत्र के तहत आरोप तय किए हैं।
विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज के समक्ष अन्नाद्रमुक के पूर्व नेता दिनाकरण पेश हुए। मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को बेकसूर बताया। इस बीच अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ मामला चलाने की मंजूरी दे दी। इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज कराने के साथ अगली सुनवाई 17 दिसंबर को मुकर्रर की। गत 17 नवंबर को अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए थे। दिनाकरण ने अन्नाद्रमुक पार्टी से निकाले जाने के बाद अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम नाम से पार्टी का गठन किया था।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 2017 में अदालत में एक आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें बताया गया था कि शशिकला की अगुवाई वाले अन्नाद्रमुक के धड़े के लिए दो पत्ती वाला चुनाव चिह्न हासिल करने के लिहाज से चंद्रशेखर ने दिनाकरण तथा अन्य के साथ मिलकर चुनाव अधिकारियों को रिश्वत देने का षड्यंत्र रचा था।
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पुलिस ने अप्रैल 2017 में दिनाकरण को गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। इस मामले में कथित बिचौलिये सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने, साक्ष्यों को नष्ट करने एवं भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सुनवाई शुरू की गई थी। इसके साथ ही दिनाकरण के सहयोगी टीपी मल्लिकार्जुन तथा बी कुमार नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ भी सुनवाई शुरू की गई।
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रिश्वत मामले में दिनाकरण के खिलाफ आरोप तय
चुनाव चिह्न हासिल करने का मामला
17 दिसंबर को होंगे गवाहों के बयान और अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने दो पत्ती वाला चुनाव चिह्न हासिल करने के लिए चुनाव अधिकारियों को रिश्वत देने के मामले में अन्नाद्रमुक के पूर्व नेता टीटीवी दिनाकरण के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा-120 बी (आपराधिक साजिश रचने), 201 (साक्ष्यों को नष्ट करने) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आपराधिक षड्यंत्र के तहत आरोप तय किए हैं।
विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज के समक्ष अन्नाद्रमुक के पूर्व नेता दिनाकरण पेश हुए। मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को बेकसूर बताया। इस बीच अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ मामला चलाने की मंजूरी दे दी। इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज कराने के साथ अगली सुनवाई 17 दिसंबर को मुकर्रर की। गत 17 नवंबर को अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए थे। दिनाकरण ने अन्नाद्रमुक पार्टी से निकाले जाने के बाद अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम नाम से पार्टी का गठन किया था।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 2017 में अदालत में एक आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें बताया गया था कि शशिकला की अगुवाई वाले अन्नाद्रमुक के धड़े के लिए दो पत्ती वाला चुनाव चिह्न हासिल करने के लिहाज से चंद्रशेखर ने दिनाकरण तथा अन्य के साथ मिलकर चुनाव अधिकारियों को रिश्वत देने का षड्यंत्र रचा था।
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पुलिस ने अप्रैल 2017 में दिनाकरण को गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। इस मामले में कथित बिचौलिये सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने, साक्ष्यों को नष्ट करने एवं भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सुनवाई शुरू की गई थी। इसके साथ ही दिनाकरण के सहयोगी टीपी मल्लिकार्जुन तथा बी कुमार नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ भी सुनवाई शुरू की गई।