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खरीदार बोले, रेरा में भी मिल रही है तारीख पर तारीख
Updated Mon, 03 Dec 2018 05:59 AM IST
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खरीदार बोले, रेरा में भी मिल रही है तारीख पर तारीख
- रेरा लागू होने के समय किया गया था तीन तारीख में फैसले का दावा
- लंबे इंतजार के बाद भी खरीदारों की समस्या का नहीं हो रहा समाधान
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट खरीदारों की परेशानी दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) लागू किया गया था। खरीदारों को उम्मीद थी कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा और बिल्डरों पर कार्रवाई होगी। लेकिन धीरे-धीरे उनकी उम्मीद टूटती जा रही है। खरीदारों का कहना है कि केवल तारीख पर तारीख मिल रही है। वह यह भी कहते हैं कि अगर कोई फैसला सुनाया जाता तो बिल्डर उसका पालन नहीं करते हैं।
रेरा में शिकायत करने वाले खरीदार दीपक वशिष्ठ का कहना है कि तीन बार में शिकायत का निस्तारण करने का दावा किया गया था, लेकिन छह से आठ तारीख लगने के बाद भी फैसला नहीं आ रहा है। सोचा था कि जल्द निर्णय आएगा तो बैंक और घर के किरायेे से छुटकारा मिलेगा, लेकिन यहां ऐसा नहीं है। अगर फैसला भी आ रहा है तो बिल्डर उसका पालन नहीं कर रहे हैं। खरीदार मोहित श्रीवास्तव का कहना है कि रेरा देरी से कब्जा देने का जुर्माना बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट से दिलवा रहा है।
अहम है कि जुलाई, 2017 को यूपी रेरा लागू हुआ था। सितंबर, 2018 को ग्रेटर नोएडा में सुनवाई शुरू हुई। रेरा में अब तक 9000 से अधिक खरीदार अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अभी भी रोजाना 50 शिकायत दर्ज हो रही हैं। रेरा अब तक 2000 से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी कर चुका है, लेकिन फ्लैट खरीदार रेरा की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।
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शिकायतकर्ता
--
चार सुनवाई बाद भी कुछ नहीं हुआ है। अब कब्जा देने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि बिल्डर के पास ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी नहीं है। पता नहीं कैसे न्याय मिलेगा।- अमित सिन्हा, शिकायतकर्ता
दस माह में आठ तारीख मिल चुकी है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है। मैंने बिल्डर से अपने दस लाख रुपये 18 प्रतिशत ब्याज समेत वापस दिलाने की अपील की है। रेरा से काफी उम्मीद थी, जो टूट चुकी हैं।- विकास गुप्ता, शिकायतकर्ता
मार्च से अब तक चार तारीख मिल चुकी है। कोई फैसला नहीं आया। शिकायत की अपडेट सहीं नहीं होती। कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं आदेश का पालन नहीं होना भी बड़ी समस्या है।- परेश श्रीवास्तव, शिकायतकर्ता
---
2000 शिकायतों का हुआ निस्तारण
सुनवाई में सभी तथ्यों को देखा जाता है, इसमें कुछ समय लग सकता है। अभी नौ हजार से अधिक शिकायत आ चुकी हैं। इनमें से दो हजार का निस्तारण भी हो चुका है। अगर आदेश का पालन नहीं होता तो उसका पालन कराया जाता है। रेरा ने 31 दिसंबर से पहले सभी शिकायतों की पहली सुनवाई करने का लक्ष्य तय किया है। ताकि, शिकायतकर्ताओं को उनका हक मिल सके। - अबरार अहमद, सचिव, रेरा
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- रेरा लागू होने के समय किया गया था तीन तारीख में फैसले का दावा
- लंबे इंतजार के बाद भी खरीदारों की समस्या का नहीं हो रहा समाधान
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट खरीदारों की परेशानी दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) लागू किया गया था। खरीदारों को उम्मीद थी कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा और बिल्डरों पर कार्रवाई होगी। लेकिन धीरे-धीरे उनकी उम्मीद टूटती जा रही है। खरीदारों का कहना है कि केवल तारीख पर तारीख मिल रही है। वह यह भी कहते हैं कि अगर कोई फैसला सुनाया जाता तो बिल्डर उसका पालन नहीं करते हैं।
रेरा में शिकायत करने वाले खरीदार दीपक वशिष्ठ का कहना है कि तीन बार में शिकायत का निस्तारण करने का दावा किया गया था, लेकिन छह से आठ तारीख लगने के बाद भी फैसला नहीं आ रहा है। सोचा था कि जल्द निर्णय आएगा तो बैंक और घर के किरायेे से छुटकारा मिलेगा, लेकिन यहां ऐसा नहीं है। अगर फैसला भी आ रहा है तो बिल्डर उसका पालन नहीं कर रहे हैं। खरीदार मोहित श्रीवास्तव का कहना है कि रेरा देरी से कब्जा देने का जुर्माना बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट से दिलवा रहा है।
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अहम है कि जुलाई, 2017 को यूपी रेरा लागू हुआ था। सितंबर, 2018 को ग्रेटर नोएडा में सुनवाई शुरू हुई। रेरा में अब तक 9000 से अधिक खरीदार अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अभी भी रोजाना 50 शिकायत दर्ज हो रही हैं। रेरा अब तक 2000 से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी कर चुका है, लेकिन फ्लैट खरीदार रेरा की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।
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शिकायतकर्ता
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चार सुनवाई बाद भी कुछ नहीं हुआ है। अब कब्जा देने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि बिल्डर के पास ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी नहीं है। पता नहीं कैसे न्याय मिलेगा।- अमित सिन्हा, शिकायतकर्ता
दस माह में आठ तारीख मिल चुकी है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है। मैंने बिल्डर से अपने दस लाख रुपये 18 प्रतिशत ब्याज समेत वापस दिलाने की अपील की है। रेरा से काफी उम्मीद थी, जो टूट चुकी हैं।- विकास गुप्ता, शिकायतकर्ता
मार्च से अब तक चार तारीख मिल चुकी है। कोई फैसला नहीं आया। शिकायत की अपडेट सहीं नहीं होती। कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं आदेश का पालन नहीं होना भी बड़ी समस्या है।- परेश श्रीवास्तव, शिकायतकर्ता
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2000 शिकायतों का हुआ निस्तारण
सुनवाई में सभी तथ्यों को देखा जाता है, इसमें कुछ समय लग सकता है। अभी नौ हजार से अधिक शिकायत आ चुकी हैं। इनमें से दो हजार का निस्तारण भी हो चुका है। अगर आदेश का पालन नहीं होता तो उसका पालन कराया जाता है। रेरा ने 31 दिसंबर से पहले सभी शिकायतों की पहली सुनवाई करने का लक्ष्य तय किया है। ताकि, शिकायतकर्ताओं को उनका हक मिल सके। - अबरार अहमद, सचिव, रेरा