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आरटीआई : अबकी बार एम्स के संक्रमण में आई कमी
Updated Mon, 19 Nov 2018 12:03 AM IST
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अबकी बार एम्स के संक्रमण में आई कमी
- आरटीआई से मांगी गई जानकारी में हुआ खुलासा
- मरीजों के रुकने के दिनों पर पड़ सकता है प्रभाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स में इस बार संक्रमण में गिरावट देखने को मिली है। एक आरटीआई के जरिये एम्स ने जानकारी दी है कि संक्रमण में यह कमी बीते वर्ष की तुलना में 0.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। हालांकि, विशेषज्ञों की मानें तो इससे अस्पताल में मरीजों के रुकने के दिनों पर काफी प्रभाव पड़ेगा। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल माथुर ने कुछ समय पहले एक आरटीआई के जरिये संक्रमण को लेकर एम्स से जानकारी मांगी थी।
उन्हें मिले जवाब के अनुसार, वर्ष 2016 में संक्रमण की दर 6.9 से घटकर 2017 में 6 फीसदी हुई। जबकि 2015 में 5.7 और 2014 में संक्रमण का हाल 5.38 प्रतिशत था। इसकी वजह से अस्पताल में औसतन मरीज 4.3 तीन दिन ही रुकते थे, जबकि इस दौरान एम्स के ही कार्डियो न्यूरो सेंटर में मरीज औसतन 6.8 दिन रुकते थे। वर्ष 2015-16 में संक्रमण के 0.32 प्रतिशत बढ़कर 5.7 प्रतिशत पहुंचने पर मुख्य अस्पताल में मरीजों के रुकने के दिनों का औसत 7.7 दिन तक पहुंच गया। जबकि वर्ष 2016-17 में संक्रमण के 6.9 प्रतिशत होने पर मरीजों के अस्पताल में रुकने का औसत 9.8 दिन हो गया। खास बात यह है कि इस दौरान अस्पताल के कार्डियो न्यूरो सेंटर में जहां मरीज मुख्य अस्पताल के बजाए ज्यादा दिनों तक रहते हैं, वहां भी मरीजों के रुकने का औसत दिन 9.6 ही था। हालांकि, संक्रमण में कमी आने की वजह से मरीजों के रुकने के दिनों में कितनी कमी आई है, इसे लेकर अस्पताल से जानकारी नहीं मिल पाई है।
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- आरटीआई से मांगी गई जानकारी में हुआ खुलासा
- मरीजों के रुकने के दिनों पर पड़ सकता है प्रभाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स में इस बार संक्रमण में गिरावट देखने को मिली है। एक आरटीआई के जरिये एम्स ने जानकारी दी है कि संक्रमण में यह कमी बीते वर्ष की तुलना में 0.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। हालांकि, विशेषज्ञों की मानें तो इससे अस्पताल में मरीजों के रुकने के दिनों पर काफी प्रभाव पड़ेगा। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल माथुर ने कुछ समय पहले एक आरटीआई के जरिये संक्रमण को लेकर एम्स से जानकारी मांगी थी।
उन्हें मिले जवाब के अनुसार, वर्ष 2016 में संक्रमण की दर 6.9 से घटकर 2017 में 6 फीसदी हुई। जबकि 2015 में 5.7 और 2014 में संक्रमण का हाल 5.38 प्रतिशत था। इसकी वजह से अस्पताल में औसतन मरीज 4.3 तीन दिन ही रुकते थे, जबकि इस दौरान एम्स के ही कार्डियो न्यूरो सेंटर में मरीज औसतन 6.8 दिन रुकते थे। वर्ष 2015-16 में संक्रमण के 0.32 प्रतिशत बढ़कर 5.7 प्रतिशत पहुंचने पर मुख्य अस्पताल में मरीजों के रुकने के दिनों का औसत 7.7 दिन तक पहुंच गया। जबकि वर्ष 2016-17 में संक्रमण के 6.9 प्रतिशत होने पर मरीजों के अस्पताल में रुकने का औसत 9.8 दिन हो गया। खास बात यह है कि इस दौरान अस्पताल के कार्डियो न्यूरो सेंटर में जहां मरीज मुख्य अस्पताल के बजाए ज्यादा दिनों तक रहते हैं, वहां भी मरीजों के रुकने का औसत दिन 9.6 ही था। हालांकि, संक्रमण में कमी आने की वजह से मरीजों के रुकने के दिनों में कितनी कमी आई है, इसे लेकर अस्पताल से जानकारी नहीं मिल पाई है।
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