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आश्वासन समिति ने भूखंड आवंटन में गड़बड़ी की खंगाली फाइलें

Thu, 27 Sep 2018 03:44 AM IST
Updated Thu, 27 Sep 2018 03:44 AM IST
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आश्वासन समिति ने भूखंड आवंटन में गड़बड़ी की खंगाली फाइलें
हेडिंग: आश्वासन समिति ने भूखंड आवंटन में गड़बड़ी की खंगाली फाइलें
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सबहेड: समिति ने मौके पर जाकर किया निरीक्षण, तीन माह में मांगी रिपोर्ट
री-क्रिएशनल ग्रीन के प्लॉट पर व्यावसायिक उपयोग की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। 2003 में आवंटित 18 री-क्रिएशनल ग्रीन के प्लॉटों पर व्यावसायिक इस्तेमाल की जांच करने के लिए बुधवार को विधानसभा की आश्वासन समिति ग्रेटर नोएडा पहुंची। जीबीयू में प्राधिकरण अफसरों के साथ बैठक की। समिति ने इन भूखंडों की जांच को तीन महीने में पूरा करने के लिए कहा है। रिपोर्ट आने के बाद समिति कार्रवाई करेगी। समिति ने बैठक में नोएडा-ग्रेटर नोएडा से जुड़े कई अन्य मामलों की भी पड़ताल की।
समिति के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा के साथ सदस्य मनीष असीजा, राजीव कुमार सिंह उर्फ बब्बू भैया, सुशील कुमार शाक्य, सुनील कुमार शर्मा व प्रेम सागर पटेल शामिल रहे। दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 2003 में 109 री-क्रिएशनल ग्रीन के प्लॉटों का आवंटन किया था। इसके बाद इसमें व्यावसायिक उपयोग की अनुमति दे दी। उस समय विधायक रहे नवाब सिंह नागर ने 2004 में विधानसभा में यह प्रश्न उठाया। उनका तर्क था कि इस फैसले से प्राधिकरण को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। अगर इन भूखंडों को व्यावसायिक दर पर आवंटित किया जाता तो करोड़ों का फायदा होता। इस मामले की जांच तत्कालीन प्राधिकरण के चेयरमैन रविशंकर माथुर को दी गई। चेयरमैन ने 18 भूखंडों में गड़बड़ी पाई। इसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2015 में भी समिति ने ग्रेनो आकर मौके पर निरीक्षण किया था। बुधवार को बैठक में यह मुद्दा छाया रहा। समिति ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 100 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके दो भूखंडों का समिति ने प्राधिकरण अफसरों के साथ निरीक्षण भी किया। एसीईओ इसकी जांच करेंगे। इसमें उस दौरान तैनात रहे कई अफसर भी फंस सकते हैं।
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डीएनडी का मसला भी उठाया
समिति की बैठक में डीएनडी के मसले पर भी चर्चा हुई। समिति के पूछने पर सीईओ नोएडा ने बताया कि इसकी सीएजी ऑडिट रिपोर्ट बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी गई है। अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि समिति की तरफ से उठाए गए प्रश्नों को प्राथमिकता पर हल किया जाए। ग्रेनो प्राधिकरण के प्रकरणों के संबंध में 100 दिन के अंदर सभी प्रश्नों में कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में बिजली कनेक्शन की व्यवस्था करने करते हुए रिपोर्ट देने को कहा है। बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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