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दिल्ली व्यापार बंद पर बंटे व्यापारी
Updated Thu, 27 Sep 2018 03:40 AM IST
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सीलिंग के खिलाफ दिल्ली व्यापार बंद पर बंटे व्यापारी
- कई संगठनों ने कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के बंद में शामिल नहीं होने का लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । सीलिंग से पूरा व्यापार जगत त्रस्त है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर सभी व्यापार बंद करने को राजी नहीं है। दिल्ली का व्यापारी वर्ग बंद को लेकर दो भागों में बंट गया है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दिल्ली में सीलिंग के खिलाफ अध्यादेश लाने की मांग को लेकर 28 सितंबर को दिल्ली व्यापार बंद का ऐलान किया है। वहीं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने इस बंद में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है।
व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विजय प्रकाश जैन और दिल्ली प्रदेश महामंत्री हेमंत गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि आगामी 28 सितंबर को जिस संगठन ने भारत बंद का ऐलान किया है, उसी संगठन के हाल ही मे हुए अधिवेशन मे केंद्र के कई मंत्रियों ने शिरकत की थी। तब इस संगठन ने राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष इस मुद्दे को नहीं उठाया। इसलिए इस मुद्दे की आड़ मे भारत बंद कराने का कोई मतलब नहीं है। फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि सदर बाजार के 50 से ज्यादा एसोसिएशंस जिसमे 40 हजार से ज्यादा दुकानदार हैं, बंद मे शामिल नहीं होंगे।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के राष्ट्रीय महासचिव रमेश आहूजा ने कहा कि भाजपा के ही व्यापारिक संगठन बंद का ऐलान कर रहे हैं, जबकि वह चाहे तो बिना व्यापार बंद किए ही सरकार पर दबाव बना सकते हैं। फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष अजय अरोड़ा का कहना है कि केंद्र व दिल्ली सरकार के कारण दिल्ली के व्यापारियों की दयनीय स्थिति हो गई है। सीलिंग के कारण व्यापारी बार-बार सड़क पर उतरने को तैयार न हीं है।
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- कई संगठनों ने कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के बंद में शामिल नहीं होने का लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । सीलिंग से पूरा व्यापार जगत त्रस्त है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर सभी व्यापार बंद करने को राजी नहीं है। दिल्ली का व्यापारी वर्ग बंद को लेकर दो भागों में बंट गया है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दिल्ली में सीलिंग के खिलाफ अध्यादेश लाने की मांग को लेकर 28 सितंबर को दिल्ली व्यापार बंद का ऐलान किया है। वहीं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने इस बंद में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है।
व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विजय प्रकाश जैन और दिल्ली प्रदेश महामंत्री हेमंत गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि आगामी 28 सितंबर को जिस संगठन ने भारत बंद का ऐलान किया है, उसी संगठन के हाल ही मे हुए अधिवेशन मे केंद्र के कई मंत्रियों ने शिरकत की थी। तब इस संगठन ने राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष इस मुद्दे को नहीं उठाया। इसलिए इस मुद्दे की आड़ मे भारत बंद कराने का कोई मतलब नहीं है। फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि सदर बाजार के 50 से ज्यादा एसोसिएशंस जिसमे 40 हजार से ज्यादा दुकानदार हैं, बंद मे शामिल नहीं होंगे।
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चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के राष्ट्रीय महासचिव रमेश आहूजा ने कहा कि भाजपा के ही व्यापारिक संगठन बंद का ऐलान कर रहे हैं, जबकि वह चाहे तो बिना व्यापार बंद किए ही सरकार पर दबाव बना सकते हैं। फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष अजय अरोड़ा का कहना है कि केंद्र व दिल्ली सरकार के कारण दिल्ली के व्यापारियों की दयनीय स्थिति हो गई है। सीलिंग के कारण व्यापारी बार-बार सड़क पर उतरने को तैयार न हीं है।
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