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विदेशियों और ओसीआई कार्ड धारकों को ब्लैकलिस्टिंग के बारे में सूचित करना सुनिश्चि करे केन्द्र-हाईकोर्ट
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:56 AM IST
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विदेशियों और ओसीआई कार्ड धारकों को ब्लैकलिस्टिंग की सूचना दें : हाईकोर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारत के विदेशी नागरिकों (ओसीआई) कार्ड धारकों या विदेशियों को ब्लैकलिस्ट होने के बारे में उन्हें एडवांस में सूचित न करने की अधिकारियों की प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने केंद्र को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ऐसे व्यक्तियों को पहले से ही सूचित किया जाए कि उनको देश में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिससे कि लोगों को एयरपोर्ट पर पहुंचकर परेशानी का सामना न करना पड़े। न्यायाधीश विभू बाखरू ने कहा कि विदेशियों और ओसीआई कार्ड धारकों द्वारा कई याचिकाएं दायर हुईं, जिनमें कहा गया कि जब वे भारत पहुंचे तो उन्हें एयरपोर्ट से भारत में प्रवेश नहीं दिया गया। वैध वीजा होने के बाद भी उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई और उनको प्रवेश न दिए जाने के बारे में भी सूचना नहीं दी गई। कोर्ट ने कहा कि हो सकता है कि लोगों के पास भारत आने का कोई अच्छा कारण हो और उनके प्रवेश पर लगे प्रतिबंध के कारण एयरपोर्ट से वापस लौटने जैसी परेशानी का सामना करना पड़े, यह ठीक ही नहीं, बल्कि हमारे निष्पक्षता मूल्य के खिलाफ आतंकवाद है जो भारत के संविधान में शामिल है। इस अभ्यास को बहिष्कृत किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने व उन सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा, जो ब्लैकलिस्टिंग ऑर्डर जारी करने के लिए अधिकृत हैं, ताकि विदेशियों/ ओसीआई कार्ड धारकों को पहले ही सूचित किया जा सके कि भारत में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र को यह निर्देश दिए हैं। ब्यूरो
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारत के विदेशी नागरिकों (ओसीआई) कार्ड धारकों या विदेशियों को ब्लैकलिस्ट होने के बारे में उन्हें एडवांस में सूचित न करने की अधिकारियों की प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने केंद्र को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ऐसे व्यक्तियों को पहले से ही सूचित किया जाए कि उनको देश में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिससे कि लोगों को एयरपोर्ट पर पहुंचकर परेशानी का सामना न करना पड़े। न्यायाधीश विभू बाखरू ने कहा कि विदेशियों और ओसीआई कार्ड धारकों द्वारा कई याचिकाएं दायर हुईं, जिनमें कहा गया कि जब वे भारत पहुंचे तो उन्हें एयरपोर्ट से भारत में प्रवेश नहीं दिया गया। वैध वीजा होने के बाद भी उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई और उनको प्रवेश न दिए जाने के बारे में भी सूचना नहीं दी गई। कोर्ट ने कहा कि हो सकता है कि लोगों के पास भारत आने का कोई अच्छा कारण हो और उनके प्रवेश पर लगे प्रतिबंध के कारण एयरपोर्ट से वापस लौटने जैसी परेशानी का सामना करना पड़े, यह ठीक ही नहीं, बल्कि हमारे निष्पक्षता मूल्य के खिलाफ आतंकवाद है जो भारत के संविधान में शामिल है। इस अभ्यास को बहिष्कृत किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने व उन सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा, जो ब्लैकलिस्टिंग ऑर्डर जारी करने के लिए अधिकृत हैं, ताकि विदेशियों/ ओसीआई कार्ड धारकों को पहले ही सूचित किया जा सके कि भारत में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र को यह निर्देश दिए हैं। ब्यूरो