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रानी झांसी फ्लाइओवर पर 50 कि.मी प्रतिघंटा तक होगी वाहनों की रफ्तार
Updated Wed, 12 Sep 2018 04:12 AM IST
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रानी झांसी फ्लाईओवर पर 50 किमी प्रतिघंटा होगी वाहनों की रफ्तार
सुरक्षित सफर के लिए आसपास बुनियादी सुविधाओं को किया जा रहा विकसित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । रानी झांसी फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने के बाद आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि, इस मार्ग पर गुजरने वालों को सफर का बेहतर अनुभव मिल सके। हालांकि, सफर को और सुरक्षित बनाए रखने के लिए फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहनों के लिए अधिकतम रफ्तार की सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
10 वर्षों से इंतजार कर रहे लोगों को इस फ्लाईओवर की शुरुआत से काफी राहत मिलेगी। निर्माण पूरा होने के बाद अब फ्लाईओवर के नीचे अन्य सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। इसके तहत गोल चक्कर, कैप्सूल, टॉयलेट ब्लॉक, फुटपाथ विकसित की जा रही है। फ्लाईओवर की मजबूती की जांच के बाद इसे 30 सितंबर के बाद किसी भी दिन आवागमन के लिए खोला जा सकता है।
ये सुविधाएं होंगी
- बर्फखाना पर 7000 वर्ग मीटर का कैप्सूल
- आजाद मार्केट के पास तैयार किए जा रहे हैं दो आईलैंड
- डीसीएम चौक के पास रोटरी
- पुल के नीचे फुटपाथ
- टॉयलेट ब्लॉक
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सुरक्षित सफर के लिए आसपास बुनियादी सुविधाओं को किया जा रहा विकसित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । रानी झांसी फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने के बाद आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि, इस मार्ग पर गुजरने वालों को सफर का बेहतर अनुभव मिल सके। हालांकि, सफर को और सुरक्षित बनाए रखने के लिए फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहनों के लिए अधिकतम रफ्तार की सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
10 वर्षों से इंतजार कर रहे लोगों को इस फ्लाईओवर की शुरुआत से काफी राहत मिलेगी। निर्माण पूरा होने के बाद अब फ्लाईओवर के नीचे अन्य सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। इसके तहत गोल चक्कर, कैप्सूल, टॉयलेट ब्लॉक, फुटपाथ विकसित की जा रही है। फ्लाईओवर की मजबूती की जांच के बाद इसे 30 सितंबर के बाद किसी भी दिन आवागमन के लिए खोला जा सकता है।
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ये सुविधाएं होंगी
- बर्फखाना पर 7000 वर्ग मीटर का कैप्सूल
- आजाद मार्केट के पास तैयार किए जा रहे हैं दो आईलैंड
- डीसीएम चौक के पास रोटरी
- पुल के नीचे फुटपाथ
- टॉयलेट ब्लॉक