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पूर्व कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद बरी
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:00 PM IST
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डीडीए अफसरों को धमकी देने के आरोप से पूर्व विधायक आसिफ बरी
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली । अदालत ने डीडीए अधिकारियों को धमकी देने व उन्हें अपनी ड्यूटी करने से रोकने के मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद को साक्ष्यों के अभाव मे बरी कर दिया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पूर्व विधायक को 15 दिन की कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा छह जनवरी 2018 को सुनाई थी।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने निचली अदालत के निर्णय को खारिज करते हुए आसिफ मोहम्मद को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा याची के खिलाफ साक्ष्यों का अभाव है।
अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता तनवीर अहमद खान की उस दलील को माना कि इसका कोई साक्ष्य नहीं है कि आसिफ ने या उनके कहने पर लोगों ने डीडीए अधिकारियों से मारपीट की या उन्हें ड्यूटी करने से रोका था। कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों से सहमति जताते हुए आसिफ मोहम्मद को बरी कर दिया। पेश मामले में आसिफ पर आरोप था कि आसिफ ने 2007 में डिमोलिशन करने आए डीडीए अधिकारियों व कर्मचारियों को अन्य लोगों के साथ मिलकर रास्ता रोका और सरकारी काम करने से रोका था।
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अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली । अदालत ने डीडीए अधिकारियों को धमकी देने व उन्हें अपनी ड्यूटी करने से रोकने के मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद को साक्ष्यों के अभाव मे बरी कर दिया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पूर्व विधायक को 15 दिन की कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा छह जनवरी 2018 को सुनाई थी।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने निचली अदालत के निर्णय को खारिज करते हुए आसिफ मोहम्मद को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा याची के खिलाफ साक्ष्यों का अभाव है।
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अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता तनवीर अहमद खान की उस दलील को माना कि इसका कोई साक्ष्य नहीं है कि आसिफ ने या उनके कहने पर लोगों ने डीडीए अधिकारियों से मारपीट की या उन्हें ड्यूटी करने से रोका था। कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों से सहमति जताते हुए आसिफ मोहम्मद को बरी कर दिया। पेश मामले में आसिफ पर आरोप था कि आसिफ ने 2007 में डिमोलिशन करने आए डीडीए अधिकारियों व कर्मचारियों को अन्य लोगों के साथ मिलकर रास्ता रोका और सरकारी काम करने से रोका था।
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