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आप ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में भाजपा से पूछे सवाल
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:36 PM IST
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आप ने सीसीटीवी मसले पर भाजपा से पूछे सवाल
मुख्य सचिव पर भाजपा के हाथों में खेलने का लगाया आरोप, कहा- कार्यों में रोड़े अटकाना बंद करें
नई दिल्ली। आम के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य सचिव भाजपा के हाथों में खेल रहे हैं। इस कारण ही उन्होंने दिल्ली सरकार के सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्णय को जल्दबाजी में लिया हुआ करार दिया। बिना किसी राजनीतिक सहयोग के कोई भी अधिकारी इस तरह के अनर्गल बयान नहीं दे सकता। इस कारण वह भाजपा से कह रहे हैं कि दिल्ली सरकार जनहित के जो काम कर रही है, उसमें रोड़ा अटकाना बंद करें, महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगने से ना रोकें।
पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आप की आतिशी मार्लिन, विधायक अल्का लांबा सहित अन्य नेताओं ने सीसीटीवी मामले में भाजपा से कुछ सवाल भी किए। उन्होंने कहा कि सितंबर 2017 में केंद्र ने सीबीएसई को सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए थे। वह भाजपा से पूछना चाहते हैं कि क्या दिल्ली के स्कूल सीबीएसई के अधीन नहीं आते हैं, अगर आते हैं तो उपराज्यपाल और दूसरे सरकारी विभागों ने इसमें रुकावटें क्यों लगाईं। जब हम पूर्ण राज्य की बात करते हैं तो हमें दूसरे देशों की राजधानी का उदाहरण दिया जाता है। वहां का मॉडल बताया जाता है। दुनिया में एक देश ऐसा नहीं है, जिसकी राजधानी में रेजिडेंशियल और मार्केट एरिया में सीसीटीवी कैमरे ना लगे हों तो भारत अभी तक इससे वंचित क्यों है। इसके अलावा भाजपा बताए कि चुनाव में वह ऐसी कौन सी गतिविधियां करने वाले हैं, जिसकी वजह से वो लोकसभा चुनाव होने तक सीसीटीवी कैमरे के प्रस्ताव को स्थगित रखना चाहते हैं। इसी तरह दिल्ली सरकार ने देश का सबसे सस्ता सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव सदन में रखा है, इसके बावजूद भाजपा बताए कि फिर भी वो क्यों नहीं चाहते कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगे।
मुख्य सचिव पर भाजपा के हाथों में खेलने का लगाया आरोप, कहा- कार्यों में रोड़े अटकाना बंद करें
नई दिल्ली। आम के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य सचिव भाजपा के हाथों में खेल रहे हैं। इस कारण ही उन्होंने दिल्ली सरकार के सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्णय को जल्दबाजी में लिया हुआ करार दिया। बिना किसी राजनीतिक सहयोग के कोई भी अधिकारी इस तरह के अनर्गल बयान नहीं दे सकता। इस कारण वह भाजपा से कह रहे हैं कि दिल्ली सरकार जनहित के जो काम कर रही है, उसमें रोड़ा अटकाना बंद करें, महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगने से ना रोकें।
पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आप की आतिशी मार्लिन, विधायक अल्का लांबा सहित अन्य नेताओं ने सीसीटीवी मामले में भाजपा से कुछ सवाल भी किए। उन्होंने कहा कि सितंबर 2017 में केंद्र ने सीबीएसई को सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए थे। वह भाजपा से पूछना चाहते हैं कि क्या दिल्ली के स्कूल सीबीएसई के अधीन नहीं आते हैं, अगर आते हैं तो उपराज्यपाल और दूसरे सरकारी विभागों ने इसमें रुकावटें क्यों लगाईं। जब हम पूर्ण राज्य की बात करते हैं तो हमें दूसरे देशों की राजधानी का उदाहरण दिया जाता है। वहां का मॉडल बताया जाता है। दुनिया में एक देश ऐसा नहीं है, जिसकी राजधानी में रेजिडेंशियल और मार्केट एरिया में सीसीटीवी कैमरे ना लगे हों तो भारत अभी तक इससे वंचित क्यों है। इसके अलावा भाजपा बताए कि चुनाव में वह ऐसी कौन सी गतिविधियां करने वाले हैं, जिसकी वजह से वो लोकसभा चुनाव होने तक सीसीटीवी कैमरे के प्रस्ताव को स्थगित रखना चाहते हैं। इसी तरह दिल्ली सरकार ने देश का सबसे सस्ता सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव सदन में रखा है, इसके बावजूद भाजपा बताए कि फिर भी वो क्यों नहीं चाहते कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगे।
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