फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   70 लाख की बस, पांच वर्ष में किराया पांच करोड़ रुपये--विजेन्द्र गुप्ता

70 लाख की बस, पांच वर्ष में किराया पांच करोड़ रुपये--विजेन्द्र गुप्ता

Sat, 04 Aug 2018 09:44 PM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 09:44 PM IST
विज्ञापन
70 लाख की बस, पांच वर्ष में किराया पांच करोड़ रुपये--विजेन्द्र गुप्ता
70 लाख की बस, 5 वर्ष में
विज्ञापन

किराया पांच करोड़ : विजेन्द्र
- विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने लगाया दिल्ली सरकार पर घोटाले का आरोप
- सरकार बिना टेंडर के प्राईवेट कंपनी को 1000 लो फ्लोर बसें चलाने का दे रही ठेका
- परिवहन मंत्री अधिकारियों पर इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए दबाव बना रहे: विजेन्द्र
- विरोध करने पर मंत्री ने परिवहन सचिव पर जमकर भड़ास निकाली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने परिवहन के क्षेत्र में बहुत बड़े घोटाले की तैयारी कर ली है। विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने बिना टेंडर के ही 70 लाख रुपये की बस खरीदने की अपेक्षा प्रति वर्ष 50 लाख 40 हजार रुपये पर किराए की बसें लेने की योजना को मंजूरी दी है। यानी सरकार एक हजार लो फ्लोर बसों पर पांच वर्ष में पांच हजार करोड़ रुपये किराया देगी जबकि यदि बसों को खरीदा जाए तो मात्र सात सौ करोड़ रुपये ही खर्च आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्ताव का विरोध करने पर परिवहन सचिव वर्षा जोशी पर जमकर भड़ास निकाली गई।
विजेन्द्र गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन में उक्त घोटाले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, प्राईवेट कंपनी मेसर्स जेबीएम ऑटो लिमिटेड से 1000 लो फ्लोर बसें 14 हजार रुपये प्रति दिन किराये पर लेने की योजना को अंतिम रूप दे चुके हैं। इस प्रकार कंपनी को 4.20 लाख रुपये प्रति मास किराया दिया जाएगा जो कि पूरे वर्ष में 50.40 लाख आता है। इसी प्रकार 10 वर्ष में 70 लाख रुपये की बस पर सरकार लगभग 5 करोड़ रुपये प्राईवेट कंपनी को देगी। इतना ही नहीं, कंपनी की यह भी शर्त स्वीकार की गई है कि कंडक्टर का वेतन व सीएनजी पर व्यय तथा जीएसटी सहित सभी कर सरकार द्वारा वहन किये जाएंगे। उन्होंने कहा इन बसों का पंजीकरण डीटीसी और जेबीएम कंपनी के नाम से होगा। यानी इन बसों को 10 हजार रुपये प्रति मास प्रति बस की फीस से भी मुक्त रखा जाएगा।
विज्ञापन

विजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि कंपनी की पेशकश को बिना टेंडर किये स्वीकार कर लिया गया। कंपनी को इतनी बड़ी संख्या में बसों का निर्माण करने और चलाने का अनुभव भी नहीं है। इस कंपनी की पूरे भारत में मात्र 50 बसें नोएडा में चल रही हैं। गुप्ता ने आरोप लगाया कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत अधिकारियों पर इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए भारी दबाव बना रहे हैं। इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखे जाने की तैयारी की जा रही है। कैबिनेट की स्वीकृति के उपरांत इसे डीटीसी बोर्ड के समक्ष भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गुप्ता ने कहा विधानसभा सत्र में हम इस वित्तीय घोटाले को उठाएंगे। सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed