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जल भराव की समस्या
Updated Mon, 30 Jul 2018 08:24 PM IST
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जल भराव रोकने के लिए उठाएं आपात कदम
- हाईकोर्ट ने बरसाती नालों व सीवेज की समस्या पर की टिप्पणी
- डीजेबी के सीईओ की अगुवाई में बनाया उच्च स्तरीय पैनल
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली। बरसाती नालों में आ रही रुकावट को दूर करने के लिए आपात कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि जलभराव व गंदगी की समस्या सड़कों पर न हो। हाईकोर्ट ने बारिश के पानी व सीवेज के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश देते हुए यह टिप्पणी की है। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीईओ की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय पैनल भी गठित किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा कि बरसात के पानी व सीवेज की समस्या को दूर करने की जरूरत है। इसके लिए सरकारी एजेंसी कार्य योजना तैयार करे। कोर्ट ने जल बोर्ड के सीईओ की अगुवाई में उच्च स्तरीय पैनल का गठन कर राजधानी में बरसाती पानी व सीवेज के की समस्या से निजात के लिए विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट को बताया कि राजधानी का सीवेज व ड्रेनेज सिस्टम काफी पुराना है और उसे आधुनिक बनाने की जरूरत है। इसके बाद कोर्ट ने इस पर विचार के लिये पैनल का गठन किया है। खंडपीठ ने नालों की देखभाल व संचालन करने वाली सरकारी एजेंसियों से उनके इलाके के नालों की जानकारी मांगी थी। यह जानकारी कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मांगी थी। हाईकोर्ट ने राजधानी में हुई भारी बारिश के बाद 10-13 जुलाई को हुए जलभराव व यातायात जाम की खबरों पर संज्ञान लेते हुए खुद जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। हाईकोर्ट ने एजेंसियों से पूछा था कि हर बार बारिश होने पर पानी नालों में न जाकर सड़क पर कैसे जमा हो जाता है। इसे रोकने के लिए सरकारी एजेंसियों ने अब तक क्या कदम उठाए है।
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- हाईकोर्ट ने बरसाती नालों व सीवेज की समस्या पर की टिप्पणी
- डीजेबी के सीईओ की अगुवाई में बनाया उच्च स्तरीय पैनल
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली। बरसाती नालों में आ रही रुकावट को दूर करने के लिए आपात कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि जलभराव व गंदगी की समस्या सड़कों पर न हो। हाईकोर्ट ने बारिश के पानी व सीवेज के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश देते हुए यह टिप्पणी की है। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीईओ की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय पैनल भी गठित किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा कि बरसात के पानी व सीवेज की समस्या को दूर करने की जरूरत है। इसके लिए सरकारी एजेंसी कार्य योजना तैयार करे। कोर्ट ने जल बोर्ड के सीईओ की अगुवाई में उच्च स्तरीय पैनल का गठन कर राजधानी में बरसाती पानी व सीवेज के की समस्या से निजात के लिए विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट को बताया कि राजधानी का सीवेज व ड्रेनेज सिस्टम काफी पुराना है और उसे आधुनिक बनाने की जरूरत है। इसके बाद कोर्ट ने इस पर विचार के लिये पैनल का गठन किया है। खंडपीठ ने नालों की देखभाल व संचालन करने वाली सरकारी एजेंसियों से उनके इलाके के नालों की जानकारी मांगी थी। यह जानकारी कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मांगी थी। हाईकोर्ट ने राजधानी में हुई भारी बारिश के बाद 10-13 जुलाई को हुए जलभराव व यातायात जाम की खबरों पर संज्ञान लेते हुए खुद जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। हाईकोर्ट ने एजेंसियों से पूछा था कि हर बार बारिश होने पर पानी नालों में न जाकर सड़क पर कैसे जमा हो जाता है। इसे रोकने के लिए सरकारी एजेंसियों ने अब तक क्या कदम उठाए है।
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