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डूसू चुनाव 2017
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:44 PM IST
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डूसू चुनाव 2017
डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुषीद का चुनाव रद्द
- हाईकोर्ट ने चुनाव के लिए ठहराया अयोग्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुषीद को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया है। इस फैसले से रॉकी का छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर चुनाव रद्द हो गया है। डीयू ने छह सितंबर 2017 को रॉकी का नामांकन रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने डीयू के कदम को सही ठहराया है।
जस्टिस वीके राव ने रॉकी तुषीद की याचिका को खारिज करते हुए डीयू के छह सितंबर 2017 के आदेश को सही ठहराया है। जस्टिस राव ने कहा कि याची चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य था और ऐसे में उसका निर्वाचन अवैध है। अदालत ने कहा डीयू छात्रसंघ चुनाव समिति का फैसला किसी तरह गलत नहीं था।
डीयू का 2018-19 शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। रॉकी का कार्यकाल अगस्त में समाप्त होने वाला था लेकिन इससे पहले हाईकोर्ट का आदेश उसके लिए काफी बड़ा झटका है। ऐसे हालात में रॉकी से हारने वाले उम्मीदवार का तकनीकी आधार पर अध्यक्ष पद पर कब्जा हो गया है।
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डीयू छात्रसंघ चुनाव समिति ने छह सितंबर को रॉकी का नामांकन नियमों के उल्लंघन के आधार पर रद्द कर दिया था। इस आदेश को रॉकी ने आठ सितंबर 2017 को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने रॉकी को चुनाव लड़ने की सशर्त अनुमति 12 सितंबर को प्रदान कर दी थी।
रॉकी तुषीद के नामांकन को एबीवीपी के उम्मीदवार रजत चौधरी ने भी हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। रजत ने अधिवक्ता सुमन चौहान व जीवेश तिवारी के जरिये याचिका में में कहा था कि रॉकी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह एक पेपर में पास नहीं हुआ था। इसके बाद रॉकी ने अपना कोर्स बदल लिया था। चुनाव के उम्मीदवार के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी है।
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डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुषीद का चुनाव रद्द
- हाईकोर्ट ने चुनाव के लिए ठहराया अयोग्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुषीद को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया है। इस फैसले से रॉकी का छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर चुनाव रद्द हो गया है। डीयू ने छह सितंबर 2017 को रॉकी का नामांकन रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने डीयू के कदम को सही ठहराया है।
जस्टिस वीके राव ने रॉकी तुषीद की याचिका को खारिज करते हुए डीयू के छह सितंबर 2017 के आदेश को सही ठहराया है। जस्टिस राव ने कहा कि याची चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य था और ऐसे में उसका निर्वाचन अवैध है। अदालत ने कहा डीयू छात्रसंघ चुनाव समिति का फैसला किसी तरह गलत नहीं था।
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डीयू का 2018-19 शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। रॉकी का कार्यकाल अगस्त में समाप्त होने वाला था लेकिन इससे पहले हाईकोर्ट का आदेश उसके लिए काफी बड़ा झटका है। ऐसे हालात में रॉकी से हारने वाले उम्मीदवार का तकनीकी आधार पर अध्यक्ष पद पर कब्जा हो गया है।
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डीयू छात्रसंघ चुनाव समिति ने छह सितंबर को रॉकी का नामांकन नियमों के उल्लंघन के आधार पर रद्द कर दिया था। इस आदेश को रॉकी ने आठ सितंबर 2017 को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने रॉकी को चुनाव लड़ने की सशर्त अनुमति 12 सितंबर को प्रदान कर दी थी।
रॉकी तुषीद के नामांकन को एबीवीपी के उम्मीदवार रजत चौधरी ने भी हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। रजत ने अधिवक्ता सुमन चौहान व जीवेश तिवारी के जरिये याचिका में में कहा था कि रॉकी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह एक पेपर में पास नहीं हुआ था। इसके बाद रॉकी ने अपना कोर्स बदल लिया था। चुनाव के उम्मीदवार के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी है।