फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   14 Chinese came on one year visa, three and a half years left

14 चीनी एक साल के वीजा पर आए, रह गए साढ़े तीन साल

Fri, 15 Jul 2022 01:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jul 2022 01:57 AM IST
विज्ञापन
14 Chinese came on one year visa, three and a half years left
नोएडा। शहर में अवैध रूप से रह रहे चीन के 14 नागरिक एक साल के बिजनेस वीजा पर भारत आए थे, लेकिन करीब साढ़े तीन साल तक यहां रहे। कोविड संक्रमण काल के दौरान चीन से ग्रीन कोड नहीं मिलने से सभी मोबाइल कंपनी में काम कर रहे थे।
विज्ञापन

आरोपी वर्ष 2019 में बिजनेस वीजा पर आकर नोएडा फेज टू स्थित मोबाइल कीपैड बनाने वाली चीन की कंपनी में काम करने लगे। जिस वीजा पर ये लोग आए थे, उसकी अवधि नहीं बढ़ाई जा सकती थी, लेकिन जब लौटने का वक्त आया तो चीन से लेकर भारत में कोरोना फैल चुका था। इन लोगों ने वीजा की अवधि बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन अवधि नहीं बढ़ी। चीन से इन्हें ग्रीन कोड नहीं मिला तो ये लोग नोएडा की कंपनी में ही काम करते रहे। अब जब लोकल इंटेलिजेंस यूनिट व पुलिस ने इन्हें सेक्टर-48 से हिरासत में लेकर दिल्ली के नरेला स्थित डिटेंशन सेंटर में भेज दिया है।
विज्ञापन

यह पकड़े गए
जुन्हुई यीन, चुन्लुई कांग, हान्ंग लिंक क्यू, शिलांग, जिंताओ झांग, फैह्यान टैंग, टैन यांग, शियोंग झाओ, येंगली झांग, जी ल्यू, खाओ वैंग, डाओलिन झांग, हिकस्यो पैन और हुआन येन्जिंग को डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिंगापुर या हांगकांग के रास्ते जाएंगे वापस
लोकल इंटेलिजेंस यूनिट की इंस्पेक्टर पारूल पुनिया का कहना है कि गृह मंत्रालय व चीन के दूतावास के बीच पत्राचार के बाद सभी को भेजा जाएगा। कोविड-19 के बाद चीन के एयरपोर्ट पर उतरने के लिए ग्रीन कोड भेजा जाता है। इन सभी चीन के नागरिकों को ग्रीन कोड नहीं मिला है। ऐसे में सिंगापुर व हॉंगकांग के रास्ते इन्हें रवाना किया जाएगा।
बिना वीजा के रह रहे विदेशियों की तलाश तेज
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में वैध रूप से रहने वाले विदेशियों की संख्या महज 2200 है। सभी दस्तावेज के साथ रहने वाले अलग-अलग देशों के नागरिकों की आड़ में बड़ी संख्या में अवैध रूप से पहुंचे विदेशी शरण लेते रहे हैं। लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) ने वैध विदेशियों का डाटा जुटाकर अवैध रूप से छुपे विदेशी नागरिकों की तलाश तेज कर दी है। एलआईयू ऐसे लोगों का भी डाटा जुटा रही है जिनका वीजा पिछले एक दो वर्षों में खत्म हो गया था।
एजेंसियों की अब तक की जांच हवाला कारोबार, नए मोबाइल में पुराने पुर्जे लगाने और जासूसी के इर्द-गिर्द घूम रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि दिल्ली एनसीआर से मोबाइल स्क्रैप की खरीद-फरोख्त कर चिप प्रोसेसर, रैम, रोम आदि निकालने और उन्हें चीन तक पहुंचाने का धंधा भी अवैध रूप से रहने वाले चीन के नागरिकों के दम पर ही चमका है। विदेशी मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर ठगी के अलावा अब मोबाइल स्क्रैप के अवैध ढंग से किए जा रहे धंधे में भी बिना वीजा के रहने वाले चीन के नागरिकों की संलिप्तता उजागर देखकर एलआईयू ने एफआरआरओ (फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) से गौतमबुद्घ नगर में रहने वाले विदेशी नागरिकों डाटा हासिल किया है।
मोबाइल कंपनियों ने निकाला, तो नटवरलाल ने दी शरण
खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक अवैध रूप से रहने वाले चीन के अधिकांश नागरिक गौतमबुद्घ नगर में संचालित मोबाइल व उनके पार्ट्स बनाने वाले कंपनियों में कार्यरत थे। कोरोना काल में उनका वीजा खत्म होने के बाद रिन्यू नहीं हो पाया। अलग-अलग वजहों से उनकी घर वापसी नहीं हो पाई। वहीं, कंपनियों ने भी इन्हें इनके हाल पर छोड़ दिया। इधर, रवि नटवरलाल और उसके साथ मोबाइल स्क्रैप का धंधा कर रहे चीन के नागरिकों को भी ऐसे लोगों की तलाश थी, जो मोबाइल आदि के काम में पारंगत हो। इसके चलते इन्होंने इन नागरिकों को न केवल शरण दी बल्कि काम भी दिया। इनके लिए फर्जी ढंग से वीजा अवधि भी बढ़ाई गई।

सुरक्षा एजेंसी चलाने वाला पुष्पेंद्र रिहा, नहीं मिले साक्ष्य
घरबरा गांव रिवेरिया वेली गेस्ट हाउस में चीनी नागरिकों के लिए सुरक्षाकर्मी दिलाने वाले एजेंसी संचालक मध्यप्रदेश के सतना निवासी पुष्पेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अधिवक्ता ओपेंदर भाटी और रजनीश यादव ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट में उसके खिलाफ इस मामले में कोई साक्ष्य न मिलने की रिपोर्ट दी। इसके बाद उसे न्यायालय के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed