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नोएडा : श्रीकांत के पास चार और पत्नी के पास थे तीन सरकारी गनर, आखिर क्या है इसके पीछे का सच
Tue, 09 Aug 2022 05:02 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 09 Aug 2022 05:02 PM IST
सार
ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में रहने वाले श्रीकांत त्यागी का कुछ पौधे लगाने को लेकर महिलाओं से विवाद हो गया था। श्रीकांत ने एक महिला से अभद्रता करते हुए गालियां देकर धमकाया। इस घटना के बाद से त्यागी के खिलाफ कई तहर की जांच शुरु हो गईं हैं। उसके पास सरकारी सुरक्षा कैसी थी इस बात की भी जांच की जाएगी।
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श्रीकांत त्यागी का घर पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रीकांत त्यागी को लेकर अब इस बात की चर्चा जोरों पर हें कि आखिर उसे गनर कैसे हासिल थे। किसकी अनुमति के बाद उसे सुरक्षा प्रदान की गई थी। त्यागी ही नहीं उसकी पत्नी को भी सुरक्षा प्रदान की गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, 2013 में पहली बार सपा शासनकाल में गनर हासिल हुआ था। त्यागी का गाजियाबाद में काफी रुतबा था और उसकी पत्नी अनु त्यागी भी उसके इस रुतबे का पूरा फायदा उठाती थी। इस बात की जानकारी भी मिली है कि श्रीकांत ने अपने गांव का पता बताकर स्वयं के लिए चार और पत्नी के लिए तीन गनर की सुरक्षा को मंजूरी दिला रखी थी।
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इस बात की जानकारी भी मीडिया रिपोर्ट में मिल रही है कि उस समय जिलाधिकारी रहे रितु माहेश्वरी एसएसपी वैभव कृष्ण के कार्यकाल के दौरान शासन ने यह गनर उपलब्ध कराए थे। हालांकि इस बात की जानकारी भी मिली है कि फरवरी 2020 शासन ने सभी गनर -वापस ले लिए थे। वर्ष 2018 में वह नाना के पते पर रह रहा था और इसी पते पर गनर लिए थे। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में उसने खुद को व उसकी पत्नी को जान का खतरा बताया था जिसके बाद उसे सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। लेकिन फरवरी 2020 में वह लखनऊ में अपनी प्रेमिका के साथ पकड़ा गया था, जिस पर उसका पत्नी से विवाद सुर्खियों में आया था। इसके बाद से उसकी सुरक्षा भी वापिस ले ली गई थी।
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श्रीकांत त्यागी ने मोदीनगर से चुनाव लड़ने का मन बनाया था लेकिन भाजपा ने उसे टिकट नहीं दिया। इसके बाद भी श्रीकांत त्यागी ने भाजपा प्रत्याशी को हराने की कोशिश की थी। इसी के साथ महिला की अभद्रता की घटना के बाद भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने एक बार फिर साफ कर दिया था कि त्यागी से उनकी पार्टी का कोई संबंध नहीं है। वह कभी भी भाजपा का पदाधिकारी नही रहा है।
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नोएडा की घटना के बाद से सीएम योगी काफी नाराज है और अब उन्होंने श्रीकांत को सुरक्षा देने के मामले में जांच का मन बना लिया है। उन सभी लोगों की जांच की जाएगी जिन्होंने श्रीकांत को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता पहुंचाई। इसी को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने त्यागी को सुरक्षा प्रदान किए जाने के मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही पुलिस को त्यागी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।