मिशन यूपी: नीतीश ने भीड़ जुटाकर की बड़ी पार्टियों का गणित बिगाड़ने की तैयारी
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जेवर में बिहार के मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति रैली के बहाने बुधवार को भीड़ जुटाकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के लिए यूपी में एंट्री का रास्ता दिखाया है। वैसे तो जदयू पिछले विधानसभा चुनाव में जेवर से चुनाव लड़ चुकी है, लेकिन इस बार नशा मुक्ति के बहाने लोगों के बीच पहुंच बनाकर भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टियों के गणित को बिगाड़ने की तैयारी कर रही है।
पिछले चुनाव में जदयू ने भट्टा पारसौल कांड के मुख्य सूत्रधार और किसान नेता मनवीर तेवतिया को टिकट दिया था जिसमें पार्टी को बुरी तरह से मात खानी पड़ी थी।
राजनीतिक जानकार रैली को केवल जेवर तक ही सीमित न मानकर इस बार यूपी में शराबबंदी के मुद्दे को हवा देकर जदयू का प्रदेश में आधार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
यूपी में 30 करोड़ की पी जाती है शराब
नीतीश के करीब एक घंटे के भाषण में शराब बंदी के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार दोनों का घेराव भी इस तरफ इशारा था। साथ ही, नशा मुक्ति रैली में अच्छी खासी भीड़ का समर्थन प्राप्त करने के बाद नीतीश का उत्साह देखते ही बन रहा था।
नीतीश कुमार ने भाषण में अखिलेश यादव से पत्र के माध्यम से शराब बंदी का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में पांच हजार करोड़ का शराब से टैक्स आता था। 10 हजार करोड़ की शराब पी जाती होगी। यूपी में 15 हजार करोड़ का टैक्स आता है यहां तो 30 हजार करोड़ की शराब पी जाती है।
अखिलेश अगर शराब बंद कर दें तो यह पैसा प्रदेश के अच्छे कामों में लोग खर्च करेंगे। ज्यादातर सरकारें शराब बंदी के पीछे गन्ना किसानों का नुकसान बताकर गुमराह कर रही हैं। फैक्ट्रियों से शराब बंद कराकर एथनॉल बनाया जाए जो 10 प्रतिशत पेट्रोल में मिलाया जाता है। इससे राजस्व और बढ़ेगा।