फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   nirbhaya case will set an example in the country

निर्भया का न्यायः देशभर में नजीर बनेगी फांसी, ऐसे घिनौने अपराध होंगे कम

Sat, 21 Mar 2020 06:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 21 Mar 2020 06:47 AM IST
विज्ञापन
nirbhaya case will set an example in the country
demo pic - फोटो : शुभम बंसल

सात साल के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को आखिर निर्भया को न्याय मिल ही गया। उसके चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में सूली पर लटका दिया। निर्भया को मिला न्याय न सिर्फ आम लोगों के लिए नजीर बना है, बल्कि देश में दुष्कर्म के मामलों की जांच करने वाले सभी पुलिसकर्मियों के लिए यह न्याय एक सबक बन गया है।

विज्ञापन


निर्भया के साथ हुई दरिंदगी के बाद मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी के सामने बेहद कम समय तक मामले की जांच पूरा करने का दबाव था। एसआईटी के करीब 40 सदस्यों ने दक्षिण जिला के कुछ खास पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर महज 17 दिन में इस केस की साइंटिफिक जांच पूरी की। डीएनए, दांतों के निशान, इलेक्ट्रॉनिक और टेक्नीकल सर्विलांस को जांच में शामिल किया गया। लंबी जांच के बाद ही निर्भया के दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचा गया। अब दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने पर मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी बेहद खुश हैं।
विज्ञापन


निर्भया मामले की जांच से जुड़े एसीपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोषियों की फांसी ऐसे घिनौने अपराध करने वाले लोगों के लिए सबक हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जो लोग भी ऐसे अपराध करेंगे उनका अंजाम यही होगा। ऐसे अपराध करने के बाद अपराधी चाहे कितना भी चालक क्यों न हो वह बच नहीं सकता है। मामले की जांच से जुड़े पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि निर्भया मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसआईटी में चालीस टॉप मोस्ट स्मार्ट कोप को शामिल किया गया। एसआईटी पर दबाव था कि उसे मामले की सटीक जांच बेहद कम में करके देना थी। एसआईटी को आजादी थी कि वह दक्षिण जिले में तैनात किसी भी पुलिसकर्मी को अपनी जांच में शामिल कर सकती है। पुलिस के सामने चुनौती थी कि जांच में कोई कमी न रह जाए, जिससे आरोपियों को भविष्य में कोई फायदा मिल सके। ऐसे में टीथ-बाइट को पहली बार किसी जांच का हिस्सा बनाया गया।

आरोपियों के डीएनए सैंपल भी लेकर जांच को पुख्ता किया गया। महज 17 दिन में ही एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली थी। मामले की जांच से जुड़े बाकी पुलिस कर्मियों का कहना है कि उनको खुशी हैँ कि निर्भया के दोषी आज अपने अंजाम तक पहुंच गए।

इन साक्ष्यों से पहुंचे निर्भया के दोषी अपने अंजाम तक...

1. निर्भया के शरीर पर दोषियों के दांतों से काटने की निशान मिले थे। पुलिस ने पहली बार दोषियों के दांतों की फोटो ली। इसके बाद पीड़िता के शरीर से मिले दांतों के निशान से उनका मिलान करवाया गया। दो दोषियों के दांतों के निशान निर्भया के शरीर से मिले निशानों से मेल खा गए।

2. डीएनए सैंपल से भी केस को अंजाम तक पहुंचाने में मदद मिली। निर्भया के नाखूनों में मिले डीएनए से आरोपियों के डीएनए मैच करवाए गए। आरोपियों के डीएनए लेने के अलावा उनके फिंगरप्रिंट भी मैच करवाए गए। इन प्रिंट को बस से लिए गए फिंगर प्रिंट से मैच करवाया गया। दोषियों सबूत मिटाने के लिए निर्भया और उसके दोस्त के कपड़ों को जला दिया था उनके भी डीएनए सैंपल मैच करवाए गए।

3. वारदात के बाद दिल्ली पुलिस की एसआईटी को कई जगह की सीसीटीवी फुटेज मिली, जिस रास्ते से बस को गुजरते हुए देखा गया। उन सीसीटीवी फुटेज को जांच का हिस्सा बनाने के अलावा पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन को भी जांच का हिस्सा बनाया। इन सभी साक्ष्यों को कोर्ट के समक्ष रखा गया, जिसके बाद सभी दोषियों को फांसी सजा दिलवाने में मदद मिल सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed