Delhi: अस्पताल के कमोड में नवजात का शव मिलने का मामला, पांच गिरफ्तार, पेटिएम से पुलिस को मिला सुराग
पुलिस ने मेडिकल दुकान के मालिक से पूछताछ की। जिसमें पता चला कि उन लोगों ने दुकान से सौ रुपये की कुछ दवाएं ली थी। जिसकी पेमेंट पेटीएम से की थी। उस नंबर के जरिए पुलिस ने संदीप के बारे में पता लगाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी दिल्ली में विजय विहार इलाके में एक नर्सिंग होम के कमोड के अंदर मिले नवजात शिशु का शव के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शिशु के माता-पिता और उनके तीन साथी हैं। जनवरी माह में महिला बच्चे को अस्पताल के कमोड में छोड़कर फरार हो गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 250 सीसीटीवी कैमरे की जांच कर आरोपियों की पहचान की। लेकिन दवा का ऑनलाइन पेमेंट करने से आरोपी पुलिस के गिरफ्त में आए। शिशु के माता-पिता सहमति संबंध में रह रहे थे और बच्चे को पालना नहीं चाहते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसी साल 21 जनवरी की रात को विजय विहार थाना पुलिस को बुध विहार स्थित रजनी गुप्ता अस्पताल के शौचालय के कमोड में नवजात शिशु के मृत पड़े होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। शिकायतकर्ता डॉक्टर श्रुति ने बताया कि बीस जनवरी की रात साढ़े नौ बजे एक गर्भवती महिला चार परिचितों के साथ अस्पताल में आई थी। मरीज का अपना नाम सीमा (21) बताया था। जब डॉक्टर उसे देखने के लिए कमरे में आईं तो सीमा कमरे में मौजूद नहीं थी। सीमा के साथ आई एक महिला ने बताया कि वह बाथरूम गई है। कुछ देर बाद डॉक्टर ने मरीज के बारे में फिर पूछा लेकिन पता चला कि सीमा और उसके चार परिचित अस्पताल से चले गए हैं। उसी रात करीब साढ़े 12 बजे एक व्यक्ति अस्पताल के शौचालय में गया। जहां उसने कमोड में एक नवजात शिशु का शव देखा। अस्पताल प्रशासन ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। विजय विहार थाना पुलिस मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी अनुज अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम जांच शुरू की।
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के चेहरे की पहचान कर ली। पुलिस ने करीब 250 सीसीटीवी कैमरे की जांच की। इस दौरान पुलिस ने देखा कि आरोपियों ने एक दवा दुकान पर ऑनलाइन पेमेंट किया है। पुलिस ने मेडिकल दुकान के मालिक से पूछताछ की। जिसमें पता चला कि उन लोगों ने दुकान से सौ रुपये की कुछ दवाएं ली थी। जिसकी पेमेंट पेटीएम से की थी। उस नंबर के जरिए पुलिस ने संदीप के बारे में पता लगाया। जो इसी इलाके में रहता था। जांच करने पर पता चला कि वह गांव गया है। पुलिस ने उसपर निगरानी रखकर उसे पकड़ लिया। उसके निशानदेही पर पुलिस ने सीमा, मीना, दीपक और सूरज को पकड़ लिया।
पूछताछ करने पर पता चला कि सीमा और संदीप सहमति संबंध में रह रहे थे। दोनों में शारीरिक संबंध बने और सीमा गर्भवती हो गई। जिसके बाद वह परेशान हो गई। सीमा को संदीप और अन्य परिचित अस्पताल ले गए। अचानक दर्द होने के बाद वह शौचालय चली गई। जहां कमोड में उसका बच्चा गिर गया। सभी काफी घबरा गए। बच्चे को वहीं छोड़कर सभी फरार हो गए। संदीप फ्लिपकार्ट में डिलीवरी ब्वॉय का काम करता है। जबकि उसके दो दोस्त भी अलग अलग कंपनियों में डिलीवरी ब्वॉय का काम करते हैं।