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नई दिल्ली: सीआईएसएफ को सोहना के मंडावर गांव में पेड़ों की कटाई से एनजीटी ने रोका
Fri, 15 May 2020 12:03 PM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
न्यूज डेस्क अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 15 May 2020 12:03 PM IST
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deforestation सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
न्यायाधिकरण ने आवश्यक अनुमति न मिलने तक लगाई रोक
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राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने सीआईएसएफ को सोहना के मंडावर गांव में जरूरी अनुमति न मिलने तक पेड़ों की कटाई करने से रोक दिया है। एनजीटी ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जंगल के 260 एकड़ क्षेत्र में बिना किसी अनुमति के गैर वनीय गतिविधि की जा रही है।
एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को 25 सितंबर से पहले इस मामले में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। पीठ ने यह आदेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक की उस रिपोर्ट पर दिया जिसमें उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने डिवीजनल वन अधिकारी से अनुमति लिए बिना ही अक्तूबर 2019 में पेड़ों की कटाई और कार्य स्थल की सफाई का काम शुरू कर दिया था।
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रिपोर्ट में कहा गया कि अरावली प्रोजेक्ट प्लांटेशन क्षेत्र के तहत सीआईएसएफ ने वन संरक्षण कानून 1980 के तहत कोई प्रस्ताव जमा नहीं किया। इसमें कहा गया कि गुरुग्राम में मंडावर गांव के राजस्व एस्टेट में सीआईएसएफ द्वारा खरीदी गई 260.74 एकड़ जमीन में से 136.65 एकड़ क्षेत्र अरावली प्रोजेक्ट प्लांटेशन के तहत आता है। सुप्रीम कोर्ट और वन संरक्षण कानून 1980 के आदेश के अनुसार, यह वन क्षेत्र है।
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