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इन 22 पूर्व मंत्रियों ने नहीं छोड़ा है सरकारी आवास

Thu, 08 May 2014 09:15 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 08 May 2014 09:15 PM IST
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MPs still occupying residence in lutyens zone

आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष चंद्र ने एक आरटीआई डाली थी जिसके जवाब से आप हैरान रह जाएंगे। यह आरटीआई सामने आने के बाद से ही सुर्खियों में है।

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आरटीआई के जरिए पूछे गए प्रश्नों के जवाब में यह जानकारी मिली है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद 22 पूर्व केन्द्रीय मंत्री शानदार लुटियंस जोन के बंगलों पर अपना कब्जा जमाए बैठे हैं।
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कोर्ट के 5 जुलाई, 2013 को सुनाए गए फैसले में कहा गया था कि किसी भी मंत्री के पद से हट जाने के एक महीने के बाद उसे अपना सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा पर इस वक्त जो स्थिति है उसे कोर्ट के आदेश की अवमानना ही कहेंगे।

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लिस्ट में सबसे पहला नाम लालू का है

MPs still occupying residence in lutyens zone

आरटीआई से मिली जानकारी में बड़े-बड़े दिग्गजों का नाम सामने आया है। कानून तार-तार करने वालों की सूची में सबसे ऊपर और पहला नाम है आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का।

उन्होंने 22 मई 2009 में पद छोड़ा था और उसके बाद भी वह 25 तुगलक रोड के आलीशान बंगले पर कब्जा जमाए बैठे हैं। हम आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे और बाद में यूपीए-2 में उन्हें मंत्री भी नहीं बनाया गया था।

11 जनवरी 2013 को उनके बंगले का अलॉटमेंट कैंसल कर दिया गया था। जब उनसे मकान खाली करने को कहा गया था तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। उसके बाद उन्हें बंगले से निकालने की कई कोशिशें हुईं पर सब नाकाम। बाद में अतिरिक्त भुगतान की शर्त पर उन्हें बंगले में रहने दिया गया।

ए. राजा भी नहीं हैं पीछे

MPs still occupying residence in lutyens zone

इसमें 2जी केस में भ्रष्टाचार मामले में फंसे पूर्व संचार मंत्री ए.राजा का नाम भी है। राजा ने अपना पद तो 2010 में छोड़ दिया पर बंगला उसके बाद भी नहीं छोड़ा।

उनके पास मोतीलाल नेहरू मार्ग में बढ़िया बंगला है। यही हाल उनकी पार्टी के दयानिधि मारन का भी है जिन्होंने 12 जुलाई 2011 को पद छोड़ दिया था लेकिन बंगले का मोह नहीं त्याग पाए।

पू्र्व विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने अपना पद 27 अक्टूबर 2012 को छोड़ दिया था लेकिन बंगला आज तक नहीं छोड़ा है।

बंगला न छोड़ने के लिए अपनाए नायाब तरीके

MPs still occupying residence in lutyens zone

एक रोचक मामला पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह का भी है। जिन्होंने सुरक्षा के आधार पर तीन मूर्ति मार्ग का बंगला खाली करने से मना कर दिया था।

यही नहीं उन्होंने उसका बाजार दर का किराया जो एक लाख रुपये प्रति माह है, कम करने का भी अनुरोध किया। बाद में उसका किराया भी घटा दिया गया।

बंगाल की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सात पूर्व मंत्रियों में से एक ने भी अपना बंगला नहीं खाली किया है। इसी तरह डीएमके के छह पूर्व मंत्री भी शानदार बंगलों पर कब्जा जमाए हैं।

ये माननीय कब्जा जमाए बैठे हैं सरकारी बंगलों पर

MPs still occupying residence in lutyens zone

ये हैं 22 पूर्व मंत्री हैं जिन्होंने अपने आलीशान सरकारी बंगलों को नहीं खाली ‌कियाः

मुकुल रॉय (टीएमसी), पूर्व रेल मंत्री; सुदीप बंधोपाध्याय (टीएमसी), पूर्व स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री; सुल्तान अहमद (टीएमसी), पूर्व राज्य मंत्री, टूरिज्म; सौगत रॉय (टीएमसी), पूर्व राज्य मंत्री शहरी विकास; शिशिर अधिकारी (टीएमसी), पूर्व पूर्व राज्य मंत्री ग्रामीण विकास; सी एम जटुआ (टीएमसी), पूर्व राज्य मंत्री सूचना एवं प्रसारण; एस गांधीसेलव्न (डीएमके), पूर्व राज्य मंत्री केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण; एम एम कृष्णा (कांग्रेस), पूर्व विदेश मंत्री; मुकुल वासनिक (कांग्रेस), पूर्व राज्य मंत्री; दिनेश त्रिवेदी (टीएमसी), पूर्व रेल मंत्री; अगाथा संगमा (एनसीपी), पूर्व राज्य ग्रामीण विकास; सुबोध कांत सहाय (कांग्रेस), पूर्व टूरिज्म मंत्री; महादेव सिंह खंडेला (कांग्रेस); ए राजा (डीएमके), पूर्व संचार मंत्री; दयानिधि मारन (डीएमके), पूर्व संचार मंत्री; विंसेंट एच पाला (कांग्रेस), पूर्व मंत्री जल संसाधन; पवन कुमार बंसल (कांग्रेस), पूर्व रेल मंत्री; एस एस पलानिमानिकम (डीएमके), पूर्व राज्य मंत्री वित्त; डा. एस जगतरक्षण (डीएमके), पूर्व राज्य मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग; सीपी जोशी (कांग्रेस), पूर्व मंत्री सड़क परिवहन; गिरीश रावत (कांग्रेस), पूर्व मंत्री जल संसाधन; डी नेपोलियन (डीएमके), पूर्व राज्य मंत्री सामाजिक न्याय।

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