Delhi : दो सौ से अधिक झुग्गियां जलकर हुईं राख, दो मासूमों की झुलसकर मौत और एक युवक घायल; दर्जनों सिलेंडर फटे
रोहिणी में झुग्गियों में लगी आग पर दमकलकर्मियों ने काबू पा लिया है। तलाशी के दौरान दो शव बरामद किए गए है, अभी तलाशी अभियान जारी है।
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रोहिणी सेक्टर-17 स्थित झुग्गियों में रविवार की सुबह भीषण आग लगने से दो मासूमों की जलकर मौत हो गई। वहीं, 28 साल का एक युवक झुलस गया। घायल युवक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग लगने से यहां स्थित करीब दो सौ झुग्गियां जलकर राख हो गईं। आग के चपेट में आने से कई बकरियां और मुर्गे की भी जलकर मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची दमकल की 26 गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग बुझाने के बाद दमकल की चार गाड़ियां कुलिंग का काम कर रही है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच में जुट गई है।
मृत मासूमों की पहचान चार साल के आलम शेख और तीन साल की सादिया के रूप में हुई है। वहीं, घायल युवक की पहचान शबुल शेख के रूप में हुई है। दोनों बच्चे परिजनों के साथ झुग्गी में रहते थे। दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11.55 में रोहिणी सेक्टर 17 के श्री निकेतन अपार्टमेंट के पास स्थित झुग्गी में आग लगने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही दमकल की एक दर्जन गाड़ियां मौके पर भेजी गई।
मौके पर पहुंचे दमकल अधिकारियों ने देखा कि आग तेजी से वहां स्थित सैकड़ों झुग्गियों में फैल गई है। झुग्गी से लगातार सिलिंडर के धमाके हो रहे थे। जिससे आग तेजी से फैल रही है। इसी बीच लोगों को बचाने के क्रम में एक युवक घायल हो गया। जिसे पुलिस ने तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया। मौके पर काफी भीड़ जमा थी। लोग दमकल कर्मियों पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाकर एक गाड़ी के शीशे तोड़ दिए।
पुलिस व दमकल कर्मियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करवाने के बाद लोगों को वहां से दूर हटाया। आग को तुरंत मध्यम दर्जे का घोषित करने के बाद एक दर्जन से अधिक गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग में दो सौ से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गई थी। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के बाद तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दो मासूम एक झुग्गी के पास जली हुई हालत मृत मिले। जिन्हें तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दमकल कर्मी कुलिंग का काम कर रहे हैं। उधर पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
दो सौ से अधिक झुग्गियों में रहते थे एक हजार से अधिक लोग
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां दो सौ से अधिक झुग्गियां थी। इसमें करीब एक हजार से अधिक लोग रहते थे। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करते थे। झुग्गी के भीतर ही कई कबाड़ गोदाम और अन्य दुकानें भी थी। स्थानीय निवासी अली शेख ने बताया कि आगजनी में यहां कुछ भी नहीं बचा। झुग्गियों के साथ दुकानें भी जलकर राख हो गई।
हवा चलने के कारण आग तेजी से फैली
उसने बताया कि हवा चलने के कारण आग तेजी से फैली और इस दौरान लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सभी जान बचाकर यहां से भागे। आग लगते ही झुग्गियों में रखे सिलिंडरों में धमाके होने लगे। जिससे आग काफी तेजी से फैल गई। चारों तरफ आग लगी लपटें और धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। आग लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कुछ लोग जान पर खेलकर झुग्गियाें से सामान निकाल रहे थे। इसके बावजूद कई लोगों के गहने और अन्य सामान जलकर राख हो गए।
दमकल की गाड़ियां आधे घंटे देर से पहुंचने का आरोप
झुग्गी में रहने वालों ने आरोप लगाया कि कई बार सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ियां देर से मौके पर पहुंची। उनका आरोप है कि जानकारी देने के बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची थी। इस दौरान आग तेजी से फैलती चली गई। अन्य गाड़ियां करीब 30 से 35 मिनट के बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक आग पूरी झुग्गियों में फैल चुकी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उनलोगों ने पत्थर मारकर एक दमकल की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
बकरियां और मुर्गे भी जले
इन झुग्गियों में रहने वाले बकरियां और मुर्गे पाल रखा था। आग लगते ही सभी अपनी जान बचाकर वहां से भाग गए। लेकिन यहां बंधी बकरियां और मुर्गे आग की चपेट में आकर जल गए। तलाशी के दौरान कई बकरियां और मुर्गे भी जली हुई हालत में मिले। लोगों ने बताया कि उन लोगों ने बकरियां को रस्सियों से बांधी हुई थी जबकि मुर्गे झुग्गी के भीतर थे।
किराये के जमीन पर बनी थी झुग्गियां
स्थानीय लोगों ने बताया कि किराये की जमीन पर झुग्गियां बनाई गई थी। सभी झुग्गी वाले जमीन के मालिक को हर महीने किराया देते थे। लेकिन बाद में लोग आते गए और अपनी झुग्गी बनाते गए। उसके बाद लोगों ने जमीन के मालिक को किराया देने बंद कर दिया।
घर से बेघर हुए लोगों के सामने आर्थिक संकट
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां स्थित दो सौ से अधिक झुग्गियां में एक हजार लोग रहते थे। आग लगने के बाद सभी बेघर हो गए। इनका सारा सामान भी जल गया। इनके पास खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा। साथ ही इनके रेहड़ी वगैरह जलने से इनके सामने रोजगार की समस्या भी आ गई है। लोगों ने बताया कि इनके पास सिर्फ शरीर पर पहने कपड़े ही बचे हुए हैं। किसी की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। हादसे का शिकार हुए लोगों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।