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बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़, बिना टीचर के ही स्कूलों में हो रही पढ़ाई

Sun, 08 Jul 2018 11:43 AM IST
संदीप वर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
संदीप वर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sun, 08 Jul 2018 11:43 AM IST
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more than 60 primary and junior school without teachers in greater noida
school

जिले में बड़ी संख्या में प्राथमिक और कुछ उच्च प्राथमिक स्कूल या तो शिक्षक विहीन हैं या फिर शिक्षा मित्रों के भरोसे चल रहे हैं। लगभग 60 से अधिक स्कूलों में न तो पैसा पहुंच रहा है और न ही उचित शिक्षण कार्य चल रहा है। इनमें अधिकतर स्कूल जेवर और कुछ दनकौर ब्लॉक में हैं। यहां शिक्षक जाना ही नहीं चाहते हैं।

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वहीं, अगर सूत्रों की माने तो बिसरख ( नोएडा) ब्लॉक के कई स्कूलों में मानक से भी अधिक शिक्षक हैं। जिले के चार ब्लॉक में करीब 685 ( 471 प्राथमिक और 214 उच्च प्राथमिक) स्कूल हैं। इनमें करीब 2,641 शिक्षक और 700 शिक्षा मित्र हैं। जबकि करीब 78 हजार विद्यार्थी यहां पढ़ रहे हैं। दादरी में करीब 400, दनकौर में 500 और जेवर ब्लॉक में मात्र 274 अध्यापक हैं। बिसरख में 1400 से 1500 की संख्या में अध्यापक हैं।
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खास बात यह है कि दूर होने के चलते स्थानांतरण के बाद जेवर ब्लॉक में शिक्षक जाना नहीं चाहते हैं। कई ऐसे स्कूल हैं जहां पहुंचना टेढ़ी खीर है। 24 विद्यालय प्रधानाध्यापक विहीन हैं। 32 विद्यालयों में शिक्षक की जगह शिक्षा मित्र ही बागडोर संभाल रहे हैं। वहीं, प्राथमिक विद्यालय साबौता जाफराबाद और उच्च प्राथमिक नगला कंचन तो बंद ही पड़े हैं।       
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इन स्कूलों में कैसे हो पढ़ाई     
जेवर में समसम नगर, दयानतपुर-1, 2, नगला गनेशी, बंकापुर, जफरगढ़, नीमका, भयोरा, मकसूदपुर, मुरादगढ़ी, कुरैब, डुढेरा, दयानगर, दत्तावली, भवोकरा, तिरथली, सिरसा माचीपुर, नगला पदम, खेड़ा तिरथली, फलैदा बांगर, चौरोली बांगर व दनकौर में सालेरपुर खुर्द, बागपुर, पीपलका, पचायतन, गिरधरपुर, ठसराना, सलैमपुर गुर्जर, अटाई मुरादपुर, डेरी खूबन, मुंशीखेड़ा, अट्टा फतेहपुर, मंडपा, जुनैदपुर मढ़ैया आदि गांवों में या तो एकल विद्यालय हैं या शिक्षक विहीन हैं। जहां शिक्षण कार्य प्रभावित है।       

नोएडा में भरमार      
नोएडा जैसे शहरी क्षेत्र में दिल्ली से नजदीक होने के चलते विशेषकर उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भरमार हैं। होशियारपुर, सेक्टर-12 समेत कई ऐसे स्कूल हैं जहां मानक से अधिक शिक्षक हैं।       

स्थानांतरण से नियुक्ति बुलंदशहर में बंद 
प्रदेश भर से हाल ही में 134 शिक्षक आए हैं। सूत्रों के अनुसार, ज्यादातर की मांग बिसरख ब्लॉक (नोएडा क्षेत्र) ही है। वहीं, हाल ही में बुलंदशहर के चार ब्लॉकों में अधिक शिक्षक होने के चलते स्थानांतरण से नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। इस तरह का निर्देश अगर यहां भी मिले को बात बन सकती है। 

 
अध्यक्ष जिला प्राथमिक शिक्षक संघ मेघराज भाटी ने कहा कि जिले में बहुत से स्कूलों में अधिक शिक्षक हैं। कई स्कूलों में शिक्षण कार्य भी नहीं हो पा रहा है। इनके बीच अनुपात उचित हो, जिससे बच्चों को उचित शिक्षा मिल सके।

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