गला दबाने से रोका तो भतीजे पर झपटे 10 बंदर
मोरटा गांव में खूंखार बंदर ने बच्चे की गला दबाकर जान लेने की घटना के बाद सिहानी गांव में भी ऐसी ही घटना होते-होते बच गई। प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाले सुमित के पांच साल के बेटे पर बंदरों ने हमला कर दिया। दो बंदरों ने उसका गला दबा लिया।
बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर पिता सुमित ने बंदरों को भगाकर उसकी जान बचाई। इसी दौरान बंदरों ने सुमित के 17 साल के भतीजे पर हमला कर दिया। दहशत से किशोर बेहोश हो गया। करीब एक घंटे बाद उसे होश आया।
सुमित शर्मा के मुताबिक मंगलवार सुबह-सवेरे वह और उसका पांच साल का बेटा वंश छत पर अलग-अलग सोए हुए थे।
बंदरों के हमले के बाद एक घंटे तक बेहोश रहा भतीजा
करीब साढ़े पांच बजे तीन-चार बंदरों ने बच्चे को अकेला देख उस पर हमला कर दिया। दो बंदरों ने उसका गला दबा लिया। बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर सुमित दौड़ा तो बंदरों ने वंश को छोड़ा।
उधर नगर आयुक्त का कहना है कि बंदर पकड़ने का काम वन विभाग के अफसरों का है। सुमित की मानें तो वंश को बंदरों के चंगुल से छुड़ाने के बाद करीब 10 बंदर और आ गए।
बच्चे को बचाया तो बंदरों का झुंड सुमित के 17 साल के भतीजे हिमांशु शर्मा पर झपट पड़े। हिमांशु इस कदर दहशत में आ गया कि वह बेहोश हो गया। इसके बाद परिजनों ने बंदरों को भगाकर हिमांशु को बचाया। करीब एक घंटे तक हिमांशु बेसुध रहा।