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सीबीएसई के लाखों छात्रों की एक ही चिंता, क्या दिल्ली यूनिवर्सिटी में मिल सकेगा एडमिशन?

Fri, 26 Jun 2020 07:00 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 26 Jun 2020 07:00 PM IST
सार

  • विशेषज्ञों ने कहा, चिंता निराधार, सभी छात्रों के लिए सीबीएसई अपनाएगी एक प्रक्रिया इसलिए नुकसान की आशंका नहीं             
  • पिछले वर्ष प्रवेश लेने के लिए आए थे 2,58,388 आवेदन, इनमें अकेले सीबीएसई से 2,05,434 छात्र

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Millions of CBSE students have the same concern, will admission be available in Delhi University
delhi university - फोटो : For Refernce Only

विस्तार

सीबीएसई ने घोषणा कर दी है कि अब वह 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं आयोजित नहीं करेगा। अब तक हुई परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन के औसत के आधार पर छात्रों को बचे हुए विषय में अंक दे दिए जाएंगे।
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इसके आधार पर 15 जुलाई तक परीक्षा परिणाम घोषित किए जा सकते हैं। इससे कुछ छात्रों के मन में यह आशंका पैदा हो गई है कि अगर उन्हें औसत के आधार पर अंक दिए जाएंगे, तो उनके प्राप्तांक कम हो सकते हैं और ऐसे में उन्हें उनके मनपसंद कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। इससे उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।

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लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का मानना है कि इस बदलाव के बाद भी छात्रों के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों में सबसे बड़ी संख्या सीबीएसई (CBSE) के छात्रों की होती है।
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पिछले अकादमिक वर्ष में प्रवेश लेने के लिए कुल 2,58,388 छात्रों ने आवेदन किया था। इसमें अकेले सीबीएसई से 2,05,434 छात्र शामिल थे। इस प्रकार जो असर पड़ेगा, वह सभी छात्रों को एक हिसाब से प्रभावित करेगा और इस तरह उन्हें कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।

एंट्रेंस वाले कॉलेजों में कोई असर नहीं

दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेज प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों का नामांकन करते हैं। ऐसे में 12वीं कक्षा में पाए हुए प्राप्तांकों का यहां कोई अर्थ नहीं रह जाता है।

ऐसे में इन प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश को लेकर किसी छात्र के मन में कोई शंका नहीं होनी चाहिए। जिन कॉलेजों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होता है, वहां कुछ असर की आशंका हो सकती है।



लेकिन विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि यह भी चिंता का कारण नहीं है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एके भागी ने कहा कि छात्रों को इसे लेकर कोई चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रवेश के लिए सबसे बेहतर चार विषयों के अंक ही जोड़े जाते हैं।

ज्यादातर विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं, इसलिए जिन विषयों की परीक्षाएं स्थगित हुई हैं, उनसे छात्रों के कुल प्राप्तांकों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

इसके आलावा सभी छात्र एक ही सामान अंक पद्धति से पास होकर आएंगे, इस तरह जो असर होगा वह सबके लिए होगा, इस तरह किसी को चिंता नहीं करनी चाहिए।

प्रोफेसर राजेश झा ने कहा कि ज्यादा संभावना यही है कि विश्वविद्यालय में प्रवेश को लेकर अब तक जो प्रक्रिया चलती रही है, उसे ही आगे बढ़ाया जाए।

इस समय किसी भी नए तरीके को आजमाने पर विचार नहीं किया जा सकता। सीबीएसई जो प्रक्रिया अपनाएगी, वह सभी छात्रों के लिए एक सामान होगी, ऐसे में किसी छात्र को परेशान नहीं होना चाहिए।  

 

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