'शासन चलाने का इतना शौक है तो लड़े चुनाव'
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा न देना भाजपा सरकार के एक साल का सबसे बड़ा यू-टर्न है। प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव के दौरान रैली में पूर्ण राज्य का वादा किया था।
अब उनके मंत्री इससे इनकार कर रहे हैं। मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा देने के वादे पर मोदी सरकार ने जनता से धोखा किया है।
केंद्र सरकार के एक साल हुए हैं तो दिल्ली सरकार ने 100 दिन पूरे किए हैं, लेकिन भाजपा मोदी बनाम केजरीवाल से पता नहीं क्यों घबराती है। अधिसूचना जारी करके भाजपा दादागिरी से खुद शासन चलाना चाहती है। खुद शासन चलाना चाहते हैं तो संविधान बदल दें। अगले पांच साल सरकार नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि उन्हें काम करने से जो रोकेगा, उससे वे लड़ेंगे। उनकी लड़ाई उपराज्यपाल या शकुंतला गैमलिन से नहीं बल्कि बेईमानों से है। निजी तौर पर जब नजीब जंग जी से मिलते हैं तब पॉजीटिव एनर्जी मिलती है, लेकिन केन्द्र सरकार का काम आता है तो वो बदल जाते हैं।
इतना ही शौक है तो लड़े चुनाव
अगर एलजी साहब को अगल-अलग विभाग व शासन चलाने का इतना शौक है तो चुनाव लड़ें और सरकार चलाएं। राष्ट्रपति शासन के दौरान आठ महीने सरकार चलाई तो भ्रष्टाचार कम क्यों नहीं हुआ। अब केजरीवाल भ्रष्टाचार रोक रहे हैं तो हस्तक्षेप कर रहे हैं।
संविधान को बदले बिना उपराज्यपाल को अधिकार नहीं मिल सकते। एसीबी का कंट्रोल एलजी के पास नहीं जा सकता। मनीष सिसोदिया ने कहा है कि जनता ने हमें बेईमानों के गले में हाथ डालकर घूमने या चेस खेलने को नहीं भेजा है।
विवाद से पूर्ण राज्य के दर्जा के मुद्दे पर चर्चा बढ़ेगी। जनलोकपाल अगले सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। हमने किसी बड़े व्यक्ति के खिलाफ एसीबी की जांच नहीं रोकी, अंबानी के खिलाफ जो एफआईआर कराई थी, उस पर तेजी से जांच चल रही है।