मोबाइल पर दिया तलाक, पंचायत ने भी लगा दी मुहर
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मोबाइल पर तलाक के मामले में बुधवार को अचानक बुलाई गई मेव मुस्लिम महापंचायत ने तलाक पर अपनी मुहर लगा दी। महापंचायत में इस बात पर सहमति बनी कि पति पक्ष निकाह पर हुए खर्च के बदले 25 लाख रुपये की धनराशि पत्नी पक्ष को अदा करे।
बृहस्पतिवार को पंचों के सामने कथित तलाकशुदा पत्नी से पति पक्ष लिखित में तलाकनामा लिखवाएगा। उसके बाद पत्नी सुसराल का घर छोड़ देगी। दंपति के दोनों बच्चे पति पक्ष के पास रहेंगे।
बुधवार को उटावड़ गांव में हुई महापंचायत में 800 से 900 लोगों के सामने यह फैसला सुनाया गया। फैसले पर दोनों पक्षों ने अपनी सहमति भी दी। एक फरवरी तक पति पक्ष तलाकशुदा पत्नी के परिवार वालों को 25 लाख रुपये अदा कर देगा।
5 लाख रुपये नकद व 8 तोला सोना पंचों को दे दिया
मौके पर ही 5 लाख रुपये नकद व 8 तोला सोना पंचों को दे दिया गया। इस मामले में पंचों ने फैसला दिया कि यदि पति पक्ष के पास नकद 25 लाख रुपये नहीं हैं तो पंचों के नाम सिक्योरिटी के तौर पर कृषि भूमि का एग्रीमेंट कराया जाएगा।
उटावड़ गांव के सरपंच एवं पंचायत के मुख्य पंच आस मोहम्मद ने बताया कि पंचों ने इस मामले में पति पक्ष के लोगों को 35 लाख रुपये पत्नी पक्ष को देने के निर्देश दिए थे परंतु पति पक्ष ने इस पर अपील की कि राशि कम की जाए। अपील पर सुनवाई के बाद 10 लाख रुपये कम कर दिए गए। उल्लेखनीय है कि मलाई गांव निवासी नसीम ने अपनी पत्नी को मोबाइल पर तलाक दे दिया था।
इस पर प्रक्रिया को लेकर विवाद बन गया था। पति पक्ष इस मुद्दे पर दिल्ली स्थित फतेहपुरी मस्जिद के इमाम डॉक्टर मुकर्रम एवं दारुल उलूम देवबंद से फतवा भी करा लाए थे।
इसके बाद पंचायतों का दौर शुरू हुआ और बुधवार को हुई पंचायत में इसका फैसला कर दिया गया। दोनों पक्षों की बात सुनकर 14 पंचों ने यह फैसला सुनाया। मालूम हो कि पिछले दिनों नसीम ने अपने श्वसुर को फोन पर ही कहा था कि वह अपनी पत्नी को तलाक दे रहा है। नसीम हरियाणा वक्फ बोर्ड में रेंट इंस्पेक्टर है और इन दिनों पानीपत में तैनात है।