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लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में सात सीटों पर जजपा और तीन पर आप लड़ेगी चुनाव
Sat, 13 Apr 2019 12:41 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 13 Apr 2019 12:41 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
हरियाणा की दस लोकसभा सीटों के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के बीच शुक्रवार को अधिकृत तौर पर समझौता हो गया है। जजपा सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि आप तीन पर अपनी दावेदारी पेश करेगी। जजपा के संस्थापक व सांसद दुष्यंत चौटाला और आप के हरियाणा प्रभारी गोपाल राय ने कांस्टीट्यूशन क्लब में गठबंधन का एलान किया। दोनों दलों के नेताओं ने बताया कि अभी सीटों के नाम तय नहीं हुए हैं। अगले तीन दिनों में इस पर भी फैसला कर लिया जाएगा।
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दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में जजपा व आप एक और एक ग्यारह बनेंगे। जींद के उपचुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में एक बार फिर आप व जजपा साथ आई हैं। दोनों दल मिलकर हरियाणा में भी बदलाव लाएंगे। झाड़ू (आप का चुनाव निशान) और चप्पल (जजपा का चुनाव निशान) से हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस को हराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी कौन सी पार्टी किस सीट से लड़ेगी, इसका फैसला नहीं हुआ है।
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इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। अगले 48-72 घंटों मे इस पर भी सहमति बन जाएगी। उधर, गोपाल राय ने कहा कि जजपा हरियाणा में बदलाव का सपना देखती है। हाल के जींद उपचुनाव में आप ने जजपा का साथ दिया। वहीं आत्ममुग्धता की शिकार कांग्रेस ने अपने सबसे बड़े सिपहसालार (रणदीप सुरजेवाला) को उतारा था, लेकिन आप-जजपा गठबंधन ने ही चुनाव में भाजपा को टक्कर दी थी।
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आप चाहती थी कांग्रेस से 33 सीटों पर गठबंधन
कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर गोपाल राय ने कहा कि वैचारिक मतभेद होने के बावजूद आप ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने का फैसला इसलिए किया था, जिससे दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब व गोवा की 33 सीटों पर वोटों को बंटवारा रोककर भाजपा को हराया जा सके। सिर्फ दिल्ली की सात सीटों पर जीतना मकसद नहीं था। कांग्रेस को आज यह बात समझ नहीं आ रही है कि चुनाव पूरे का है, सिर्फ दिल्ली का नहीं।
रोहतक-हिसार के प्रत्याशी तय करने में छूट रहे भाजपा के पसीने
चंडीगढ़। हरियाणा में लोकसभा के चुनावी रण के लिए भाजपा आठ सीटों पर तो प्रत्याशी तय कर चुकी है, लेकिन दो सीट रोहतक और हिसार पर उम्मीदवार उतारने में पसीने छूट रहे हैं। भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुसीबत तो हाल ही में पार्टी ज्वाइन करने वाले पूर्व सांसद अरविंद शर्मा बने हुए हैं। वह करनाल से टिकट चाह रहे थे, लेकिन वहां से संजय भाटिया को मैदान में उतारा है।
करनाल में प्रत्याशी घोषित होने के बाद अरविंद के कांग्रेस के संपर्क में होने की अटकलें भी तेज हो चुकी हैं। हालांकि, भाजपा उन्हें रोहतक से चुनावी दंगल में उतारने का मन बना रही है। इससे पहले कि पार्टी अंतिम निर्णय पर पहुंचे अरविंद को रोहतक से टिकट का विरोध शुरू हो गया है। हिसार सीट पर केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह का नाम लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन, इनेलो से भाजपा में आए विधायक व पूर्व सांसद रणवीर सिंह गंगवा भी टिकट के मजबूत दावेदार हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का नाम भी यहां से चल रहा है।
दिल्ली: तीन सीटों पर भाजपा के मौजूदा सांसदों को मिल सकता है मौका
नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना खत्म होते ही भाजपा अब दिल्ली के सातों सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा अगले सप्ताह उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है। हालांकि भाजपा को गठबंधन न होने को लेकर नेताओं के बयानों पर भरोसा भी नहीं है। दिल्ली प्रदेश भाजपा की ओर से करीब 31 उम्मीदवारों के नाम की सूची हाईकमान को बीते दिनों भेजी गई है। इसमें मौजूदा सांसदों के नाम भी शामिल हैं, लेकिन कुछ सीटों पर पार्टी नए चेहरों को मौका देने के पक्ष में है। पार्टी सूत्रों की मानें तो सातों सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर अगले कुछ दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। तीन सीटों पर मौजूदा सांसदों को मौका मिल सकता है।
रोहतक-हिसार के प्रत्याशी तय करने में छूट रहे भाजपा के पसीने
चंडीगढ़। हरियाणा में लोकसभा के चुनावी रण के लिए भाजपा आठ सीटों पर तो प्रत्याशी तय कर चुकी है, लेकिन दो सीट रोहतक और हिसार पर उम्मीदवार उतारने में पसीने छूट रहे हैं। भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुसीबत तो हाल ही में पार्टी ज्वाइन करने वाले पूर्व सांसद अरविंद शर्मा बने हुए हैं। वह करनाल से टिकट चाह रहे थे, लेकिन वहां से संजय भाटिया को मैदान में उतारा है।
करनाल में प्रत्याशी घोषित होने के बाद अरविंद के कांग्रेस के संपर्क में होने की अटकलें भी तेज हो चुकी हैं। हालांकि, भाजपा उन्हें रोहतक से चुनावी दंगल में उतारने का मन बना रही है। इससे पहले कि पार्टी अंतिम निर्णय पर पहुंचे अरविंद को रोहतक से टिकट का विरोध शुरू हो गया है। हिसार सीट पर केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह का नाम लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन, इनेलो से भाजपा में आए विधायक व पूर्व सांसद रणवीर सिंह गंगवा भी टिकट के मजबूत दावेदार हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का नाम भी यहां से चल रहा है।
दिल्ली: तीन सीटों पर भाजपा के मौजूदा सांसदों को मिल सकता है मौका
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