'केजरीवाल को गाली दे दो या ब्लॉग लिख दो'
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन उद्घाटन मंच से विरोधी राजनीतिक दल, अपनी पार्टी के विरोधी गुट और चैनलों पर खूब हमले किए। दिल्ली में सरकार बनाने के बाद से खुद और सरकार के खिलाफ षडयंत्र का हवाला देते हुए विरोधियों को भ्रष्टाचारी और ब्लैकमेलर करार दिया। राजनीतिक हमलों को एक षडयंत्र करार देकर पार्टी विरोधियों के लिए कहा अगर किसी को चौबीस घंटे में ख्याति प्राप्त करनी है तो केजरीवाल को गाली दे दो या ब्लॉग लिख दो।
केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूर्व सरकारों के फेल होने के पीछे ईमानदार प्रधानमंत्री की कैबिनेट में पैसे लेने वाले सदस्यों के होने और अपनों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं दिखाने के लिए निशाना साधा। भाजपा पर सीधे तौर पर मुकेश अंबानी का साथ देने के लिए एसीबी का अधिकार कम करने वाला आदेश निकालने का आरोप लगाया तो बाकी किसी दूसरी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया।
‘डरी हुई हैं पार्टियां’
केंद्र सरकार से पूर्ण राज्य का दर्जा, वायु प्रदूषण दूर करने में पिछड़ने पर हमले, मुख्य सचिव पर जंग, एम्स के पूर्व सीवीओ की प्रतिनियुक्ति, एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) की शक्ति दिल्ली सरकार तक सीमित करने के अधिकार और कानून-पुलिस की फाइलें उपराज्यपाल को सीधे भेजे जाने की लड़ाई में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने थोड़ा और आगे बढ़ने की तरफ इशारा किया है। केजरीवाल ने भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के सरकारी मंच से केंद्र सरकार के एसीबी पर दिए गए आदेश को न मानने का ऐलान कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 67 सीटें मिलने के बाद राजनीतिक पार्टियों की जड़ें हिल गई हैं। इन्हें डर है कि अभी दिल्ली में हैं, दूसरे राज्यों की तरफ बढ़ गए तो क्या होगा। इस पार्टी ने जब मुकेश अंबानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी तो हमारी तो बिसात ही क्या। इस देश के कुछ ब्लैकमेलर भी इकट्ठे जो गए हैं। इनमें एक चैनल भी शामिल है। खुद को पाक साफ बताकर कहा कि मुझे ब्लैकमेल करने वाला दुनिया में पैदा नहीं हुआ।