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जेएनयू प्रबंधन की चेतावनी, हड़ताल से वापस नहीं लौटे तो दाखिला रद्द
Mon, 18 Nov 2019 05:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 18 Nov 2019 05:44 AM IST
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एडमिन ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल फीस बढ़ोतरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रबंधन ने सख्त चेतावनी दी है। विवि का कहना है कि यदि विद्यार्थी हड़ताल से वापस नहीं लौटे तो उनका दाखिला रद्द कर दिया जाएगा।
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रविवार को विवि प्रबंधन ने इस संबंध में एक सर्कुलर भी जारी किया। इसमें विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों से वापस अपनी कक्षाओं में जाकर पढ़ाई करने की अपील की गई है।
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सर्कुलर में ये भी कहा गया है कि विवि शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत आगामी 12 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में छात्रों के पास परीक्षाओं की तैयारियां करने के लिए कुछ ही समय बचा है।
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इसके अलावा एमफिल और पीएचडी के शोध आदि जमा करने और उसे मूल्यांकन शाखा को भेजने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित है। विवि ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस अवधि को लेकर छात्रों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।
नियमों का हवाला देते हुए हड़ताल कर रहे छात्रों को विवि प्रबंधन ने ये भी बताया है कि एमफिल कोर्स के नियमानुसार 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य हैं। साथ ही, 5 सीजीपीए हासिल करना होता है।
यदि विद्यार्थी दूसरे सेमेस्टर के अंत में ऐसा नहीं करता है तो उसका रोल नंबर सूची से हटा दिया जाएगा। ठीक इसी तरह बीए-ऑनर्स व बीए पास, एमए व एमएससी कोर्सेज में सभी सत्र की परीक्षाएं निर्धारित सीजीपीए के साथ पास करनी होती है।
उधर, विवि शिक्षकों के एक गुट का कहना है कि छात्र हर चीज को राजनीतिक रंग देने की कोशिश में लगे रहते हैं। कुलपति से कोई भी छात्र सीधेतौर पर मुखातिब नहीं हो सकता है।
हर विश्वविद्यालय में एक सिस्टम होता है जिसका पालन उस संस्थान के विद्यार्थियों और शिक्षकों सभी को करना पड़ता है। शिक्षकों का कहना है कि जो भी छात्र स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से छेड़छाड़ मामले में आरोपी हैं उनके साथ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।