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जाट आंदोलन: हाईवे जाम नहीं कर सके जाट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 20 Feb 2016 06:37 PM IST
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जाट आरक्षण को लेकर जाट समाज का सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सामने धरना प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा।
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सुबह करीब 11:00 बजे हाईवे जाम करने की सूचना पूर्व में ही मिलने पर पुलिस ने धरने पर बैठे कई जाट नेताओं को हिरासत में लेकर सेंट्रल थाने भेज दिया।
करीब घंटेभर बाद वकीलों के हस्तक्षेप करने और शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन करने का आश्वासन देने पर दोपहर बाद हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया।
रोहतक की घटना को देखते हुए शनिवार सुबह से ही धरनास्थल पर जाट समाज के लोग एकत्र होने शुरू हो गए थे। सुबह करीब 11 बजे कुछ लोगों ने हाईवे जाम करने की योजना बनाई।
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कई लोग हाईवे तक पहुंच भी गए। लेकिन पहले से ही तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाईवे से वापस सेक्टर-12 धरनास्थल पर भेज दिया।
जबकि धरने पर बैठे जाट समाज के नेता राम किशन व विकास चौधरी समेत करीब 35-40 लोगों को ऐहतियात के तौर पर हिरासत में लेकर सेंट्रल थाने भेज दिया गया।
बाद में वकीलों के आने और पुलिस के उच्चाधिकारियों को शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन करने का आश्वासन देने पर हिरासत में लिए गए जाट नेताओं को रिहा कर दिया गया।
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सरकार के सामने रखी मांग
जाट नेताओं का कहना है कि रोहतक में मारे गए युवाओं को शहीद का दर्जा दिया जाए और मुआवजे के तौर पर दो करोड़ का मुआवजा परिवार को मिले।
इसके अलावा उस परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही गोली मारने वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा बात करने की नहीं है। सरकार लाठी और गोली के बल पर आंदोलन को दबाना चाहती है।
सपा ने किया जाट आरक्षण का समर्थन
समाजवादी पार्टी हरियाणा ने प्रदेश में चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन को सैद्धांतिक रूप से समर्थन देने की घोषणा की है।
पार्टी केे प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटी का कहना है कि इतनी स्थिति बिगडने देने के लिए प्रदेश सरकार दोषी है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार आंदोलन में मारे गए लोगों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ-साथ तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाए और प्रदेश में सामाजिक सौहार्द कायम करने के लिए सार्थक कदम उठाए।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने जाट आरक्षण आंदोलनकारियों से अपील करते हुए कहा है कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नही है।
इस तरह सडक़ों, आम रास्तों व रेल ट्रैक इत्यादि जाम करने से जनता को भारी असुविधा हो रही है और जनजीवन ठप हो गया है।
सरकार आंदोलनकारियों की मांग के समर्थन में है। इसलिए लोगों को प्रधानमंत्री मोदी और मुुख्यमंत्री मनोहर लाल पर भरोसा रखना चाहिए। भाजपा सरकार किसी से भी नाइंसाफी नहीं करेगी।