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जुर्माना लगाकर पांच देशों के जमाती रिहा, 17 नागरिकों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप
Wed, 15 Jul 2020 05:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 15 Jul 2020 05:52 AM IST
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saket court
- फोटो : अमर उजाला
साकेत कोर्ट ने तब्लीगी जमात मामले में पांच देशों के नागरिकों को जुर्माना भरने की शर्त पर रिहा कर दिया। इन जमातियों ने उनके खिलाफ लगे आरोपों के तहत सजा कम करने के लिए समझौता याचिका दायर की थी और अपने अपराध को स्वीकार किया। इस आधार पर अदालत ने इन्हें जमानत प्रदान की है।
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महानगर दंडाधिकारी देव चैधरी ने जिबूती, माली, केन्या और 17 श्रीलंका के नागरिकों को 5 हजार रुपए प्रत्येक के आधार पर जुर्माना भरने के बाद रिहा कर दिया। इन आरोपियों की ओर से वकील आशिमा मंडला ने पैरवी की। इन आरोपियों को इनके ठहरने की जगह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इनके देशों के उच्चायोगों के अधिकारियों और मामले के आईओ ने कोर्ट में पेश किया।
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वहीं साकेत कोर्ट के महानगर दंडाधिकारी आकाश ने म्यामार के नागरिकों को 5 हजार रुपए को जुर्माना भरने की शर्त पर रिहा कर दिया। इन सभी नागरिकों के खिलाफ पुलिस ने आरोपपत्र दायर किए थे और इनके खिलाफ कोविड19 महामारी, वीजा नियमों और सरकारी दिशा निर्देशों के उल्लंघन के लिए आरोपी ठहराया था।
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इन सभी विदेशी नागरिकों ने इनके खिलाफ लगे आरोपों में सजा कम करने के लिए समझौता याचिका दायर करके रिहाई की गुहार लगाई थी। इससे पहले इन विदेशी नागरिकों को 10 हजार रुपर प्रत्येक के आधार पर कोर्ट ने जमानत प्रदान की थी।
इन विदेशी नागरिकों के खिलाफ शिकायत करते वाले डिफेंस कालोनी के एसडीएम, लाजपत नगर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और निजामुद्दीन थाने के इंस्पेक्टर ने इन विदेशी नागरिकों की याचिकाओं पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद कोर्ट ने इन्हीं रिहाई का फैसला सुनाया।
मध्य मार्च में निजामुद्दीन मरकज में कोविड19 महामारी अधिनियम का उल्लंघन करके तब्लीगी जमात के आयोजन में शामिल होने के कारण इन विदेशियों को हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लेने के बाद इन्हें क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया, जहां पर इनकी कोविड19 रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन्हें अन्य स्थानों पर रहने की अनुमति दी गई थी। हालांकि इन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार नहीं किया गया था।