निवेशक फंसे, नहीं हो रही फ्लैटों की रजिस्ट्री
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नोएडा प्राधिकरण बिल्डर्स को बकाया किस्त जमा करने के लिए नोटिस पर नोटिस भेजे जा रहा है, लेकिन बिल्डर्स को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। जून में पांच डिफॉल्टर बिल्डर्स को प्राधिकरण ने बकाया किस्त जमा करने का नोटिस भेजा था और 31 जुलाई तक का वक्त दिया था, लेकिन बिल्डर्स ने किस्त नहीं जमा की।
बकाया जमा न होने के कारण निवेशक फंसे हुए हैं, क्योंकि प्राधिकरण की ओर से सोसायटी का कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी न होने के कारण उनके फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
प्राधिकरण की सूची में 31 बिल्डर ऐसे हैं, जिन्होंने लंबे समय से किस्त नहीं जमा की है। प्राधिकरण ने इन्हें डिफॉइल्टर घोषित कर दिया है। जून में पांच बिल्डरों को नोटिस भेजा गया था और 31 जुलाई तक का समय दिया गया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
जानिए किन बिल्डर्स को भेजा गया नोटिस
बिल्डर्स के किस्त जमा न करने का नुकसान निवेशकों को हो रहा है, क्योंकि जब तक तय तिथि तक प्राधिकरण में किस्तें जमा नहीं होगी, तब तक संबंधित बिल्डर की सोसायटी का कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा। फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
जिन पांच बिल्डरों को जून में नोटिस गया, उनमें सबसे ज्यादा यूनिटेक अकेशिया प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर 814 करोड़ 85 लाख रुपये प्राधिकरण के बकाया हैं।
इन बिल्डर्स को भेजा गया नोटिस
-सनशाइन इंफ्रावेल लिमिटेड - 19 करोड़ 52 लाख
-ग्रेनाइट गेट प्राइवेट लिमिटेड - 220 करोड़ 52 लाख रुपये
-यूनिटेक अकेशिया प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड - 814 करोड़ 85 लाख
-सनवर्ल्ड राइजनिंग प्राइवेट लिमिटेड - 25 करोड़ 34 लाख
-एक अन्य - 9 करोड़ 22 लाख
डिफॉल्टर्स में आम्रपाली भी बड़ा नाम
-आम्रपाली प्लेटीनम - 64 करोड़ 54 लाख
-आम्रपाली सफ्फायर - 98 करोड़
-आम्रपाली जोडिएक - 163 करोड़
-आम्रपाली ईडेन पार्क - 22 करोड़ पांच लाख
-आम्रपाली प्रिंसले - 72 करोड़
बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत प्राधिकरण बिल्डर्स के लिए पुनर्निर्धारण सुविधा लेकर आया, जिसमें आवेदन की अंतिम तारीख 30 अप्रैल थी।
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, कई बिल्डर्स ने आवेदन किया है, लेकिन बकाया जमा नहीं हो रहा। योजना के मुताबिक, बिल्डर बकाया किश्त का निर्धारित प्रतिशत जमा करके बाकी राशि को किस्तों में जमा कर सकता है।