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नोएडा: मायावती शासनकाल में हुई प्राधिकरण भर्तियों की फिर से जांच शुरू
Sun, 04 Aug 2019 07:19 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Abhishek Singh
Updated Sun, 04 Aug 2019 07:19 AM IST
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कर्मचारियों की भर्तियों की जांच शुरू
- फोटो : Social Media (File Photo)
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मायावती शासनकाल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में की गई करीब 54 कर्मचारियों की भर्तियों की नए सिरे से जांच की जा रही है। शासन ने प्राधिकरण अधिकारियों से इस मुद्दे पर जांच कर जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है। आरोप है कि उस दौरान सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों को नियम कानूनों की अनदेखी कर भर्तियां की गई थीं।
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मामला एक बार फिर उठने पर प्रमुख सचिव प्रभांशु श्रीवास्तव ने 29 जुलाई को प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई करने के लिए कहा है। पत्र में जांच के कुछ बिंदुओं का हवाला देते हुए कमलेश कुमार, दीपक आनंद, मनोज कुमार व जगमोहन की नियुक्ति पर आपत्ति उठाई गई है।
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श्रेणी चार के अंतर्गत 23 नियुक्तियां ऐसी हैं जो बैकलॉग से अधिक नियुक्तियां कर ली गईं। वहीं 10 नियुक्तियां ऐसी पाई गई जिन्हें शैक्षिक योग्यता में शिथिलता देते हुए भर्ती कर लिया गया। बड़ी संख्या में नियुक्तियां ऐसी भी हैं जिन्हें संविदा पर रखा जाना था लेकिन स्थायी कर्मचारी के तौर पर नियुक्ति दे दी गई।
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अहम है कि एक बार पहले भी यह मामला विधानसभा में उठा तो विधान परिषद सदस्यों की एक आश्वासन समिति बना दी गई थी। समिति ने वर्ष 2006 में प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी बृजेश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया।
जांच में अनियमितताएं मिलने पर आठ कर्मचारियों को तत्काल हटा दिया गया था। इनमें से चार हाईकोर्ट चले गए और कोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिए गए। शेष के बारे में अभी तक निर्णय नहीं हो सका है।