Delhi: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष के पैरोकार जितेंद्र सिंह पर इंजेक्शन अटैक, जांच में जुटी पुलिस
जितेंद्र को नजदीकी सरदार पटेल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनको डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उनका इलाज हुआ। बाद में उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष के पैरोकार व अखिल भारतीय वैदिक सनातन संघ के पूर्व अघ्यक्ष जितेंद्र सिंह विसेन पर मंगलवार रात दिल्ली के पटेल नगर में इंजेक्शन (सुई नुमा वस्तु) से हमला कर दिया गया। हमला करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सुई नुमा वस्तु के चुभते ही जितेंद्र को बेचैनी और घबराहट होने लगी।
तुरंत मामले की सूचना पुलिस को देने के बाद जितेंद्र को नजदीकी सरदार पटेल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनको डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उनका इलाज हुआ। बाद में उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि उनके शरीर में क्या चुभाया गया इसका पता बाद में ही चल पाएगा।
एक सप्ताह बाद उनका ब्लड सैंपल लेकर जांच की जाएगी। जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि फिलहाल इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से मामले की जांच कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जितेंद्र सिंह विसेन परिवार के साथ मध्य दिल्ली के बलजीत नगर इलाके में रहते हैं। वह काशी स्थित ज्ञानवापी मंदिर में हिंदू पक्ष के पैरोकार है। मंगलवार को वह खाना खाने के बाद टहलने के लिए निकले थे। इस बीच वह पटेल नगर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे। तभी दो लड़के आए और उनके कंधे में कोई इंजेक्शन नुमा चीज चुभाकर भाग गए।
जितेंद्र ने बताया कि उनको कंधे में तेज जलन होने लगी। इसके बाद उनको घबराहट और बेचैनी होने लगी। उन्होंने पुलिस को खबर दी। बाद में उनको अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनको आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों को उनके कंधे पर कुछ चुभा हुआ तो मिला है, लेकिन उसका असर फौरन देखने को नहीं मिला। डॉक्टरों का कहना था कि यदि इनके शरीर पर में कुछ इंजेक्शन से डाला गया है तो इसका असर करीब एक सप्ताह बाद ही देखने को मिलेगा। डॉक्टरों ने उनको एक सप्ताह बाद आकर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना स्थल के पास की सीसीटीवी फुटेज देखी गई है। फिलहाल वहां कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। जितेंद्र का बयान लेकर पूरे मामले की जांच की जा रही है। बता दें कि जितेंद्र सिंह विसेन और इनकी पत्नी किरण सिंह ने ज्ञानवापी मामले में कई मुकदमें दर्ज कराए हैं। उन्होंने पहले ही अपनी जान का खतरा जताया था। उन्होंने जान का खतरा होने की शिकायत भी दी थी।