फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   IIT Delhi's professor M Jagdish Kumar will be Vice Chancellor of JNU.

IIT दिल्ली के प्रोफेसर बनेंगे JNU के नए कुलपति

Thu, 21 Jan 2016 09:14 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 21 Jan 2016 09:14 PM IST
विज्ञापन
IIT Delhi's professor M Jagdish Kumar will be Vice Chancellor of JNU.

दिल्ली आआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजिनयरिंग के प्रोफेसर डॉक्टर एम जगदीश कुमार जवाहर लाल यूनिवर्सिटी के कुलपति बनाए जाएंगे। इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की है।

विज्ञापन


जेएनयू के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार सोपोरी का कार्यकाल 27 जनवरी को खत्म हो रहा है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के आगंतुक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने चार दावेदारों में से एम जगदीश को चुना।
विज्ञापन


इनमें जेएनयू के आरएनके बामेजाई, मलेरिया शोध में अहम भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह चौहान और हैदराबाद विश्विद्यालय के कुलपति भी शामिल थे।

कुमार को नहीं मिली है जानकारी

IIT Delhi's professor M Jagdish Kumar will be Vice Chancellor of JNU.

ये चार नाम राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के डायरेक्टर डीपी सिंह के नेतृत्व वाले शोध और चयन पैनल के द्वारा चुने गये थे। सूत्रों के मुताबिक चौहान भी कुलपति बनने की दौड़ में प्रबल दावेदार थे।

कुमार के बायोडाटा के मुताबिक उन्होंने अपनी मास्टर और पीएचडी आईआईटी मद्रास से की है। वह उपकरण मॉडलिंग और सिमुलेशन, अभिनव उपकरण डिजाइन और बिजली सेमी कंडक्टर उपकरणों के क्षेत्र में काम कर चुके हैं।

उन्होंने अपने क्षेत्र से संबंधित चार किताबें प्रकाशित की है, जबकि 180 से ज्यादा आर्टिकल लिख चुके हैं। उन्होंने शोध पर आधारित छह पेटेंट आवेदन भी किए हैं।

कुमार ने बताया कि उन्होंने कुलपति पति के लिए इंटरव्यू दिया है लेकिन अभी तक चयन की कोई जानकारी उन्हें नही मिली है। यूनिवर्सिटी को लेकर अपने विजन के बारे में कुमार ने कहा कि जेएनयू देश के सबसे अच्छे विश्वविद्यालयों में से एक है और वे इसे आगे ले जाना चाहते हैं।

आरएसएस संगठन से क्या है संबंध?

IIT Delhi's professor M Jagdish Kumar will be Vice Chancellor of JNU.

अगर उनका चयन हो जाता है तो सबसे पहले वे छात्रों से बात कर कैंपस में बेहतर सुविधा प्रदान कराने के लिए उनकी राय लेंगे। कुमार के मुताबिक वे सुनिश्चित करेंगे कि जेएनयू सबसे अच्छा वैज्ञानिक शोध का केंद्र बने जोकि देश की जरूरतों के अनुरूप हो।

हालांकि आरएसएस के साथ स्वदेशी विज्ञान आदोंलन में सहयोग करने वाले संगठन विजनाना भारती के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कुमार संगठन के साथ काम करते रहे हैं।

प्रख्यात वैज्ञानिक वीके सारस्वत, अनिल कोकोडकर और विजय भटकर विजनाना भारती के संरक्षक रहे हैं। वहीं कुमार ने विजनाना भारती के साथ जुड़े होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्थान अच्छा काम कर रहे हैं। वे पिछले महीने आईआईटी दिल्ली में इसके एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed