{"_id":"5dc9bb338ebc3e5aed7d99ac","slug":"high-speed-bike-collide-with-wall-three-killed-in-nihal-vihar","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्लीः तेज गति बाइक दीवार से टकराई, नाबालिग समेत तीन की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्लीः तेज गति बाइक दीवार से टकराई, नाबालिग समेत तीन की मौत
Tue, 12 Nov 2019 01:19 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 12 Nov 2019 01:19 AM IST
विज्ञापन
मृतक कपिल और उसकी बाइक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निहाल विहार इलाके में रविवार देर रात तेज रफ्तार बाइक दीवार से टकरा गई। इसमें अंबिका विहार निवासी कपिल (15), चंदन विहार निवासी विशालुद्दीन (20) और हरजी (22) की मौत हो गई। मौके से मिले दो मोबाइल फोन और बाइक से उनकी शिनाख्त हुई।
विज्ञापन
शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है कि तेज रफ्तार बाइक पर चालक का नियंत्रण नहीं हो पाया और वह दीवार से टकरा गई। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने से हुई मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस को मौके से कोई हेलमेट नहीं मिला है।
विज्ञापन
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त डॉक्टर अकोन ने बताया कि सोमवार सुबह 7 बजे एक पंजाबी पॉप सिंगर के फार्म हाउस के पास क्षतिग्रस्त बाइक और तीन युवकों के पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस तीनों घायलों को पास के अस्पताल में ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच में हादसा के कई घंटे पहले होने की बात पता चली। मौके से दो मोबाइल फोन मिले। जांच में पता चला कि बाइक विशालुद्दीन की थी।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छानबीन के दौरान एक मोबाइल पर घंटी बजी। जांच में पता चला कि यह मोबाइल कपिल का है। फोन पर ही परिजनों को हादसे की जानकारी देकर अस्पताल पहुंचने को कहा गया। अस्पताल में घरवालों ने कपिल की पहचान कर ली। बाकी दो युवकों के बारे में जानकारी से इनकार कर दिया।
मां खाने पर करती रही इंतजार
कपिल के परिजनों ने बताया कि वह पिता हरनाम, मां और एक-एक भाई-बहन के साथ रहता था। वह सरकारी स्कूल की नौवीं कक्षा में पढ़ता था। हरनाम कुछ दिन पहले गांव में खेती के पैसे लेने गए थे। हादसे की सूचना पर वे लौटे।
रात करीब 8 बजे मां ने कपिल से खाना खाने के लिए कहा, लेकिन वह 15 मिनट में दोस्त से मिलकर आने की बात कहकर घर से निकल गया। मां खाना देने के लिए कपिल का इंतजार करती रही। करीब ढाई घंटे तक वापस नहीं आने पर घरवालों ने उसके मोबाइल पर संपर्क का प्रयास किया, लेकिन वह काम नहीं कर रहा था। उसकी मां ने बताया कि घर के सबसे बड़े बेटे कपिल की वे हर जिद पूरी करते थे।
कपड़े की दुकान में काम करता था हरजी
बाइक के नंबर से विशालुद्दीन की पहचान हुई। उसके परिजनों ने हरजी की भी पहचान कर ली। हरजी का एक भाई बाहर रहता है। हरजी ही कपड़े की दुकान में काम कर माता-पिता का खर्च चलाता था। उसका इलाके में कोई दोस्त नहीं था।
विशालुद्दीन के परिजनों ने बताया कि वह दोस्तों से मिलने की बात कहकर निकला था। देर रात होने पर घरवालों को लगा कि वह किसी दोस्त के घर पर रुक गया है। इसके बाद उन्होंने उसके दोस्तों से संपर्क किया, लेकिन वह उनके साथ नहीं था।