{"_id":"6644046ec9b7be2c010c7146","slug":"high-court-overturns-the-decision-to-acquit-the-father-accused-of-raping-his-daughter-2024-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता को बरी करने का फैसला हाईकोर्ट ने पलटा, 24 मई को सुनाई जाएगी सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता को बरी करने का फैसला हाईकोर्ट ने पलटा, 24 मई को सुनाई जाएगी सजा
Wed, 15 May 2024 06:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 15 May 2024 06:12 AM IST
सार
अदालत ने उसे बरी करने संबंधी ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। उस व्यक्ति को जून 2019 में ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था।
विज्ञापन
Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को लगभग दो वर्षों तक अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न करने के मामले में पिता को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे बरी करने संबंधी ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। उस व्यक्ति को जून 2019 में ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था।
विज्ञापन
पीड़िता के बयान के आधार पर जनवरी 2013 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पिछले दो वर्षों से उसके साथ यौन दुर्व्यवहार के साथ मारपीट की जा रही थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता मुश्किल से 10 साल की थी जब सुरक्षा गार्ड का काम करने वाले उसके पिता ने पहली बार उसका यौन उत्पीड़न किया था। दोषी को 24 मई को सजा सुनाई जाएगी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति मनोज जैन की खंडपीठ ने कहा कि यह कोई प्रेरित या मनगढ़ंत मामला नहीं है और न तो पीड़िता और न ही उसकी मां पर्याप्त साहस जुटा सकीं और पुलिस को घटना की सूचना दे सकीं। अदालत ने कहा अगर वे तुरंत पुलिस के पास पहुंचे होते तो पीड़ित को हमेशा के लिए आघात से बचाया जा सकता था।
विज्ञापन
गलत काम करने वाला कोई बाहरी या अजनबी नहीं था। पीड़िता ने सोचा होगा कि उसे अपने पिता की गोद में एक ''मठ'' मिलेगा, उसे इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि वह एक राक्षस था। पीठ ने उस व्यक्ति को पोक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 506, 323 के तहत प्रकाशित अपराधों का दोषी ठहराया।