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हाईकोर्ट पहुंचे बच्चों को दाखिले के साथ मिली समोसे-जूस की पार्टी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:09 PM IST
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delhi high court
दिल्ली सकरार के स्कूलों में दाखिला पाने में नाकामयाब रहे बच्चों को हाईकोर्ट से दाखिले के आदेश के साथ-साथ समोसे और जूस की पार्टी भी मिली। ये बच्चे अपने परिजनों के साथ स्कूलों में दाखिले की गुहार लेकर हाईकोर्ट पहुंचे। इन बच्चों को देखकर हाईकोर्ट की सुनवाई भी कुछ देर के लिए थम गई। बच्चों को कोर्ट रूम में देखकर चीफ जस्टिस ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि इन मासूम बच्चों को दाखिला दिया जाए हम इन्हें मासूम को कोर्ट में खड़े हुए नहीं देखना चाहते।
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दिल्ली हाईकोर्ट की मुख्य कार्यवाहक न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी.हरि शंकर की पीठ के समक्ष शुक्रवार को अचानक 52 स्कूली बच्चे और उनके परिजन पहुंचे। इन बच्चों को कोर्ट रूम में देखकर पीठ हैरान हो गई और न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने पहले से चली अन्य मामले की सुनवाई रोकर बच्चों का संज्ञान लिया। जब उन्हें पता लगा कि 6 से 15 साल के बच्चे दाखिले की गुहार लेकर उनके पास पहुंचे तो वह आश्चर्यचकित रह गईं और सबसे पहले उन्होंने अपने निजी सचिव को बच्चों के लिए समोसे और जूस का इंतजाम करने के आदेश दिए। लंच टाइम में बच्चों ने कोर्ट रूम में ही हाईकोर्ट के सामने ही समोसे और जूस की पार्टी की।
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इसके बाद पीठ ने मामले का संज्ञान लिया। बच्चों की ओर से यह याचिका गैर सरकारी संस्था सोशल जूरिस्ट द्वारा दायर की गई। संस्था ने पीठ को बताया कि इन बच्चों के अलावा भी ऐसे बहुत से बच्चें हैं जिन्हें सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं मिल सका। इसके बाद पीठ ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि इन बच्चों समेत 400 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिया जाए। हम इन बच्चों को कोर्ट रूम में नहीं देखना चाहते, प्लीज कुछ कीजिए।
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इसके साथ ही पीठ ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि वह दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कैंप लगाकर यह पता करे कि किन बच्चों को स्कूलों में दाखिला नहीं मिला है और फिर उन्हें स्कूलों में दाखिला दिया जाए।