Gurugram: दिसंबर में गुरुग्राम से दौसा के बीच सरपट दौड़ेंगे वाहन, दो घंटे में तय होगी 250 किलोमीटर की दूरी
गुरुग्राम के सोहना से सटे अलीपुर में इस एक्सप्रेसवे का एक्सेस कंट्रोल इंटरचेंज बनाया जा रहा है। इस इंटरचेंज के मार्फत ही सोहना-गुरुग्राम और केएमपी के रास्ते आने वाले वाहन इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे। यहां ऐसा इंटरचेंज बनाया जा रहा है कि चारों ओर से आने वाला यातायात बिना रुके आगे बढ़ेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-वडोदरा-मुबई एक्सप्रेसवे का एक फेज दिसंबर में शुरू कर दिया जाएगा। गुरुग्राम से दौसा के बीच वाले इस हिस्से का निर्माण दिसंबर तक हर हाल में पूरा हो जाएगा। इसके बाद यहां पर वाहन सरपट दौड़ेंगे। इसके साथ ही गुरुग्राम से दौसा के बीच की 250 किलोमीटर की दूरी दो घंटे में पूरी होगी। इस एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर वाहनों की आवाजाही के बाद गुरुग्राम से कई शहरों की दूरी कम जाएगी। गुरुग्राम और दौसा के बीच पड़ने वाले जिन शहरों को यह एक्सप्रेसवे कनेक्ट करेगा, उनका सफर सुगम हो जाएगा।
अलीपुर में बन रहा इंटरचेंज
गुरुग्राम के सोहना से सटे अलीपुर में इस एक्सप्रेसवे का एक्सेस कंट्रोल इंटरचेंज बनाया जा रहा है। इस इंटरचेंज के मार्फत ही सोहना-गुरुग्राम और केएमपी के रास्ते आने वाले वाहन इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे। यहां ऐसा इंटरचेंज बनाया जा रहा है कि चारों ओर से आने वाला यातायात बिना रुके आगे बढ़ेगा। जिसको जिस ओर बढ़ना है, (मुंबई-वडोदरा, केएमपी या सोहना-अलवर) बिना रुके आसानी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेगा। अलीपुर एक तरह से कई सड़कों का विशेष जंक्शन होगा।
सीधे दिल्ली से होगी कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी सीधी दिल्ली से होगी। दिल्ली के धौलाकुंआ से गुरुग्राम के इफको चौक से राजीव चौक होते गुरुग्राम-सोहना हाईवे के जरिए इस एक्सप्रेसवे का सफर किया जा सकेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने दिल्ली-एनसीआर के शहरों को राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के बड़े शहरों को सीधे कनेक्ट करने के लिए इस एक्सप्रेसवे की अवधारणा को तैयार किया था। 1,380 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 95 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
दिसंबर तक गुरुग्राम-दौसा फेज शुरू करने के लिए निर्माण में तेजी लाई गई है। निश्चित ही हम दिसंबर तक इस फेज पर वाहन दौड़ाने में सफल होंगे। इस फेज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। कुछ जरूरी औपचारिकताएं हैं, जिन्हें पूरा किया जा रहा है।
- मुदित गर्ग, परियोजना निदेशक, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (एनएचएआई)