फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Two bravehearts of Pataudi destroyed the plans of the enemy country

Gurugram News: पटौदी के दो जांबाजों ने ध्वस्त किए थे दुश्मन देश के मंसूबे

Tue, 25 Jul 2023 11:48 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:48 PM IST
विज्ञापन
Two bravehearts of Pataudi destroyed the plans of the enemy country
कारगिल विजय दिवस पर विशेष : पटौदी खंड के दो जांबाजों ने दुर्गम पहाड़ों में ध्वस्त किए थे दुश्मन देश के मंसूबे
विज्ञापन


देश की आन-बान और शान के लिए जान कर दी थी कुर्बान


प्रेमचंद पालमी
पटौदी। पटौदी खंड के गांव दौलताबाद कुणी व मुमताजपुर के दो जांबाज होनहारों ने कारगिल युद्ध में दुश्मन देश के घुसपैठियों के छक्के छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। इन दोनों जांबाज होनहारों ने भारत माता के साथ किए वादे को पूरा करने में तो कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन अपने परिजनों से किए जल्द ही घर लौटकर आने के वादे को वह पूरा नहीं कर पाए। देश की आन-बान और शान के लिए इन जांबाज सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
बता दें कि कारगिल युद्ध में पटौदी खंड के गांव दौलताबाद कुणी निवासी सैनिक बिजेंद्र सिंह व गांव मुमताजपुर निवासी लांस नायक कमांडो आजाद सिंह शहीद हुए थे। एक अगस्त 1981 को ब्रह्मा देवी व जगमाल सिंह यादव के घर जन्मे बिजेंद्र सिंह बचपन से ही फौज में जाने की बात कहा करते थे। 19 मार्च 1998 को वह कुमाऊं रेजिमेंट में भर्ती हुए। कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन मेघदूत व ऑपरेशन विजय में उन्होंने भाग लिया। दुर्गम पहाड़ियों पर जहां सांस लेना भी आसान नहीं है, वहां पटौदी के इन नौजवानों ने अपनी वीरता से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए। बिजेंद्र सिंह ने चोटी नंबर 5685 को पाकिस्तानी फौज से मुक्त कराते हुए चार दुश्मनों को मार गिराकर उनकी रेजिमेंट ने चोटी पर कब्जा तो कर लिया, मगर दुश्मन की एक गोली उनके सीने में आ लगी। 30 अगस्त 1999 को मां भारती की गोद में समा गए और देश पर शहीद हो गए।
विज्ञापन

मुमताजपुर निवासी शहीद लांस नायक कमांडो आजाद सिंह ने भी प्वाइंट 4730 मुश्कोह घाटी पर 21 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मारकर 9 जुलाई 1999 वीरगति प्राप्त की थी। मई 1969 को सुलतान सिंह व कमला देवी के घर पैदा हुए आजाद सिंह आठ जाट रेजिमेंट में सेवा देते हुए कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों से लड़ने के दौरान शहीद हुए थे। उस समय पर उनका बेटा राजू पांच साल का था, जबकि बेटी निधि डेढ़ साल की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
प्रशासन की उपेक्षा से शहीद के परिजनों ने छोड़ा गांव
कारगिल युद्ध में शहीद हुए दोनों जांबाजों के परिजनों को केंद्र एवं राज्य सरकार से इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी शिकायत है। दोनों शहीद परिवारों के लिए की गईं ज्यादातर घोषणाओं को सरकार ने पूरा किया, मगर शहीद बिजेंद्र सिंह के परिजनों को प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण अपना गांव छोड़ना पड़ा। प्रशासन ने उनके घर के सामने वाले रास्ते को पक्का नहीं किया। घर जाने का रास्ता कच्चा होने के कारण उन्हें भारी दिक्कत हो रही थी। इसी कारण करीब 9 वर्ष पहले शहीद का यह परिवार गुरुग्राम जिले को छोड़कर रेवाड़ी जिले के निखरी गांव में पलायन कर गया।

----
दोनों बच्चों को है पिता आजाद सिंह पर गर्व
शहीद लांस नायक आजाद सिंह के बेटे राजू व बेटी निधि अपने पिता की शहादत पर हर पल गर्व महसूस करते हैं। वह कहते हैं कि देश की रक्षा के लिए पिता के शहीद होने की बातें लोगों से सुनने के दौरान उन्हें बहुत ही गर्व होता है। वह अपनी कामयाबी के क्षणों के दौरान पिता को याद करते हैं और उनकी कमी महसूस करते हैं। शहीद की वीरांगना सुशीला देवी ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए बताया कि राजू दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए करने के बाद गुरुग्राम में निजी क्षेत्र की कंपनी में कार्यरत है। जबकि निधि ने एमबीबीएस कर ली है और अब एमडी की तैयारी कर रही है। शहीद लांस नायक आजाद सिंह की माता कमला देवी कहती हैं कि उनके बेटे ने देश की रक्षा करते हुए कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी थी, परंतु सरकार ने उनकी प्रतिमा तक नहीं बनवाई, हमने स्वयं बनवाई। शहीदी दिवस के मौके पर भी शासन-प्रशासन का कोई व्यक्ति शहीद की प्रतिमा पर दो पुष्प तक नहीं चढ़ाते। इस कारण बहुत दुख होता है।
-----
प्रेमचंद पालमी
चित्र परिचय:
1. शहीद बिजेन्द्र सिंह के फोटो के साथ उनके माता-पिता व परिवार के अन्य लोग। - सौजन्य : संवाद
2. शहीद लांस नायक आजाद सिंह की फोटो के साथ उनकी माता कमला देवी व विरांगना सुशीला देवी। - सौजन्य: संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed