Gurugram Rain: तीन घंटे की बारिश में साइबर सिटी में जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त, एक्सप्रेस वे पर तीन किलोमीटर जाम
करीब आठ साल पहले भी शहर में बारिश होने के बाद महाजाम लग गया था। करीब 25 किलोमीटर तक जाम के चलते शहर ब्लॉक हो गया था। इसके बावजूद जाम लगने की समस्याओं को ठीक नहीं किया गया।
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बुधवार सुबह हुई प्री-मानसून की मात्र तीन घंटे की बारिश से शहर के कई हिस्से जबरदस्त जलभराव की चपेट में आ गए। सबसे ज्यादा दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस वे प्रभावित रहा। यहां पर नरसिंह पुर के पास सवारियों से भरी एक बस जलभराव के चलते सर्विस लेन में डेढ़ घंटे तक फंसी रही। यहीं पर जलभराव के कारण कारें और अन्य वाहन बंद हो गए जिसके चलते पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ऑफिस जाने वाले लोगों को कई घंटे की देरी से अपने कार्यालय पहुंचे। हीरो होंडा चौक से जयपुर की तरफ जाने वाले रास्ते, सुभाष चौक, खांडसा रोड, सोहना रोड, वाटिका चौक के साथ-साथ अन्य जगहों पर घंटों वाहन रेंगते रहे।
सुबह करीब छह बजे बारिश शुरु हुई और करीब नौ बजे तक बारिश होती रही। इस दौरान नरसिंह पुर के साथ-साथ हीरो होंडा चौक,सुभाष चौक, राजीव चौक, एंबियंस मॉल के पास, व्यापार केंद्र रोड, सेक्टर-15, सेक्टर-43 क्रीक, शीतला माता रोड, बसई रोड सहित मानेसर में भी जलभराव की समस्या रही। हीरो होंडा चौक पर दिल्ली से जयपुर की तरफ जाने वाली जगह पर पानी पानी भरने से करीब तीन किलोमीटर तक जाम लग गया था। करीब पांच घंटे बाद हालात सामान्य हो सके। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जाम की जानकारी दी और जाम वाले रास्ते से बचने की अपील की।
पुराना गुरुग्राम भी जाम और जलभराव की चपेट में रहा
पुराने गुरुग्राम में भी हालत ठीक नहीं रही। पुराने गुरुग्राम के सेक्टर-10, न्यू कॉलोनी, सेक्टर-4, सेक्टर-7, सेक्टर-9, रेलवे रोड भी जबरदस्त जलभराव की चपेट में रहा। सबसे ज्यादा खराब हालत बसई चौक की रही। यहां पर दोपहिया वाहन चालक बुरी तरह पानी में फंसे नजर आए। इसके चलते यहां पर भी जाम की समस्या रही।
एक हजार रुपये देकर ट्रैक्टर से खिंचवाई गई बस
नरसिंहपुर पर पानी में फंसी सवारियों से भरी बस डेढ़ घंटे तक फंसी रही। यात्री अंदर ही बैठे रहे और मदद की गुहार लगाते रहे। जब बस के वहां से निकलने का कोई उपाय बचा तो आसपास के कुछ ग्रामीणों को ट्रैक्टर से बस निकालने के लिए तैयार किया गया। इसके लिए एक हजार रुपये की मांग की गई। एक हजार रुपये दिए गए इसके बाद ही बस को जलभराव वाले स्थान से खींच कर बाहर निकाला गया। यात्रियों में इस बात को लेकर रोष देखा गया कि डेढ़ घंटे के दौरान प्रशासन की ओर से कोई भी उपाय नहीं किया गया।
आठ साल पहले लगे महाजाम से भी नहीं लिया सबक
करीब आठ साल पहले भी शहर में बारिश होने के बाद महाजाम लग गया था। करीब 25 किलोमीटर तक जाम के चलते शहर ब्लॉक हो गया था। इसके बावजूद जाम लगने की समस्याओं को ठीक नहीं किया गया। नेशनल हाइवे के साथ अन्य सड़कों पर पानी की निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। बारिश होने के बाद पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसके चलते वह पानी कुछ जगहों पर सड़क के किनारे पर जमा हो जाता है या पूरी सड़क पर ही फैल जाता है।