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जिमखाना क्लबों के टेंडर में गड़बड़ी की जांच होगी
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गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टर 29 और सेक्टर 4 में स्थित जिमखाना क्लब के स्वीमिंग पूलों के संचालन और रखरखाव के टेंडर में अनियमितता का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने वादी की याचिका पर अन्य टेंडर डालने वाली फर्मों के संबंध में आई शिकायतों की जांच करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्राधिकरण के प्रशासक और दोनों क्लबों के महासचिवों को आदेश दिया है।
याचिका दायर करने वाली फर्म बीपीजीसी के अधिवक्ता जय भगवान शर्मा ने बताया कि 31 मार्च 2022 को सेक्टर 29 और सेक्टर 4 के जिमखाना क्लबों के स्वीमिंग पूलों के रखरखाव, संचालन और रीनोवेशन के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। दो साल के लिए इनका संचालन किया जाना था।
आठ फर्म ने टेंडर डाले। जिनमें से चार फर्म के टेंडर अलग-अलग कारणों से अयोग्य करार दिए गए। जिन चार फर्मों में से एक फर्म को टेंडर दिया गया है वह पहले से ही काली सूची में है। अदालत में कहा गया है कि प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों ने अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने की मंशा में नियमों और प्रावधानों को भी ताक पर रख दिया। जिन फर्म को टेंडर दिया गया है वह दिल्ली विकास प्राधिकरण में पहले से ही प्रतिबंधित है।
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अधिवक्ता जय भगवान शर्मा ने बताया कि अदालत ने आदेश दिया है कि टेंडर हासिल करने वाली फर्म के संबंध में जो शिकायतें हैं उनकी जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए।
जय भगवान शर्मा कहते हैं कि इसी महीने 7 मई को अदालत में पुनर्विचार याचिका भी डाली गई है। इन सभी गतिविधयों के बीच एचएसवीपी ने सेक्टर 4 के जिमखाना क्लब के स्वी मिंग पूल का डेंटर रद भी कर दिया है। इससे भी जाहिर होता है कि पूर्व में प्राधिकरण ने गलत प्रक्रिया का अनुसरण किया है।
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याचिका दायर करने वाली फर्म बीपीजीसी के अधिवक्ता जय भगवान शर्मा ने बताया कि 31 मार्च 2022 को सेक्टर 29 और सेक्टर 4 के जिमखाना क्लबों के स्वीमिंग पूलों के रखरखाव, संचालन और रीनोवेशन के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। दो साल के लिए इनका संचालन किया जाना था।
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आठ फर्म ने टेंडर डाले। जिनमें से चार फर्म के टेंडर अलग-अलग कारणों से अयोग्य करार दिए गए। जिन चार फर्मों में से एक फर्म को टेंडर दिया गया है वह पहले से ही काली सूची में है। अदालत में कहा गया है कि प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों ने अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने की मंशा में नियमों और प्रावधानों को भी ताक पर रख दिया। जिन फर्म को टेंडर दिया गया है वह दिल्ली विकास प्राधिकरण में पहले से ही प्रतिबंधित है।
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अधिवक्ता जय भगवान शर्मा ने बताया कि अदालत ने आदेश दिया है कि टेंडर हासिल करने वाली फर्म के संबंध में जो शिकायतें हैं उनकी जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए।
जय भगवान शर्मा कहते हैं कि इसी महीने 7 मई को अदालत में पुनर्विचार याचिका भी डाली गई है। इन सभी गतिविधयों के बीच एचएसवीपी ने सेक्टर 4 के जिमखाना क्लब के स्वी मिंग पूल का डेंटर रद भी कर दिया है। इससे भी जाहिर होता है कि पूर्व में प्राधिकरण ने गलत प्रक्रिया का अनुसरण किया है।