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निगमायुक्त पर एसई के निलंबन बहाली का दारोमदार
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गुरुग्राम। एसई रमेश शर्मा के निलंबन की बहाली का पूरा दारोमदार अब निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा पर आ गया है। निगमायुक्त ने निलंबन बहाली की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए शांत किया है कि वह पूरी रिपोर्ट शहरी निकाय मंत्री अनिल विज को भेजेंगे। ऐसे में इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि निगमायुक्त द्वारा एसई की निलंबन बहाली की सिफारिश करने पर एक बार फिर से निगम पार्षदों की नाराजगी सामने आ सकती है।
इतना ही नहीं अहम सवाल यह है कि अनुशासनहीनता के मामले में त्वरित निलंबन का आदेश देने वाले गृह मंत्री अनिल विज क्या अपना फैसला बदलेंगे, यह सवाल तब और अहम हो जाता है जब सभी पार्षदों ने एकजुट होकर गृह मंत्री के समक्ष एसई की शिकायत की थी। इसके बाद न सिर्फ एसई का निलंबन हुआ बल्कि अनुशासन बनाए रखने व जनप्रतिनिधियों का पूरा सम्मान किए जाने का निर्देश देते हुए निगमायुक्त को बाकायदा एक पत्र भी जारी करना पड़ा। निगमायुक्त ने निगम के सभी विभागों को एक लिखित पत्र जारी किया है, जिसमें मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
दो धड़ों में बंटे हैं पार्षद
नगर निगम के एसई रमेश शर्मा के निलंबन के मामले में शुरू से ही निगम पार्षदों का खेमा दो धड़ों में बंटा हुआ है और यह बड़ी वजह है जिससे निलंबन बहाली का रास्ता साफ हो सकता है। वार्ड-19 के निगम पार्षद का शुरुआत से ही इस मामले में रुख स्पष्ट रहा है। अन्य पार्षदों से इतर इस पूरे मामले पर उन्होंने कहा कि अधिकारी हों या फिर जनप्रतिनिधि, बदसलूकी और दुर्व्यवहार किसी के साथ नहीं होना चाहिए। सभी का आत्मसम्मान होता है और किसी को भी दूसरे के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं होना चाहिए। अगर अधिकारी की कोई शिकायत है तो उस पर भी अमल होना चाहिए।
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इतना ही नहीं अहम सवाल यह है कि अनुशासनहीनता के मामले में त्वरित निलंबन का आदेश देने वाले गृह मंत्री अनिल विज क्या अपना फैसला बदलेंगे, यह सवाल तब और अहम हो जाता है जब सभी पार्षदों ने एकजुट होकर गृह मंत्री के समक्ष एसई की शिकायत की थी। इसके बाद न सिर्फ एसई का निलंबन हुआ बल्कि अनुशासन बनाए रखने व जनप्रतिनिधियों का पूरा सम्मान किए जाने का निर्देश देते हुए निगमायुक्त को बाकायदा एक पत्र भी जारी करना पड़ा। निगमायुक्त ने निगम के सभी विभागों को एक लिखित पत्र जारी किया है, जिसमें मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
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दो धड़ों में बंटे हैं पार्षद
नगर निगम के एसई रमेश शर्मा के निलंबन के मामले में शुरू से ही निगम पार्षदों का खेमा दो धड़ों में बंटा हुआ है और यह बड़ी वजह है जिससे निलंबन बहाली का रास्ता साफ हो सकता है। वार्ड-19 के निगम पार्षद का शुरुआत से ही इस मामले में रुख स्पष्ट रहा है। अन्य पार्षदों से इतर इस पूरे मामले पर उन्होंने कहा कि अधिकारी हों या फिर जनप्रतिनिधि, बदसलूकी और दुर्व्यवहार किसी के साथ नहीं होना चाहिए। सभी का आत्मसम्मान होता है और किसी को भी दूसरे के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं होना चाहिए। अगर अधिकारी की कोई शिकायत है तो उस पर भी अमल होना चाहिए।
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