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Gurugram News: वेंकट गर्ग को एसटीएफ ने हिरासत में लिया, हत्या व रंगदारी समेत 30 मामले दर्ज
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गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग उर्फ वेेंकट। फोटो स्रोत- अ्रमर उजाला
- जॉर्जिया से भारत प्रत्यर्पण का यह पहला मामला, एसटीएफ हरियाणा की साल 2026 की 10वीं बड़ी सफलता
- अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और चंडीगढ़ में फैला है वेंकट गर्ग का नेटवर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा एसटीएफ ने बसपा नेता हरबिलास हत्याकांड के मुख्य आरोपी वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से भारत प्रत्यर्पित कर हिरासत में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से वीरवार सुबह उसे दिल्ली लाया गया। यह भारत और जॉर्जिया के बीच पहला प्रत्यर्पण मामला है। साल 2026 में विदेशों से अपराधियों को वापस लाने की एसटीएफ हरियाणा की यह दसवीं बड़ी कार्रवाई है।
अंबाला लाने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इससे उसके गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को काबू करने में मदद मिलेगी। वेंकट गर्ग नारायणगढ़ की चंदना कॉलोनी का मूल निवासी है। वह अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में सक्रिय 53 सदस्यीय गिरोह का संचालन करता था। उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और रंगदारी जैसे कुल 30 गंभीर मामले दर्ज हैं। भारत से भागने से पहले उस पर 20 मामले दर्ज थे।
नारायणगढ़ में 25 जनवरी 2025 को बसपा नेता हरबिलास की हत्या हुई थी। जमीनी विवाद के चलते हुई इस हत्या का वेंकट गर्ग मास्टरमाइंड था। हत्या से पहले ही वह विदेश भाग गया था। उसके इशारे पर हरबिलास को कार में गोली मारी गई थी। विदेश भागने के बाद भी वेंकट ने अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी और फायरिंग जारी रखी। इस दौरान उस पर 10 और मामले दर्ज किए गए।
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फर्जी पासपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि वेंकट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को दिल्ली से भागा था। उसने फर्जी पासपोर्ट के सहारे संयुक्त अरब अमीरात का रास्ता लिया और 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया पहुंचा। उसने गुरुग्राम के फर्जी पते पर पासपोर्ट हासिल किया था। इस धोखाधड़ी के बाद 4 फरवरी 2025 को उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया। अदालत से छह गिरफ्तारी वारंट और इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी का पता चला और प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू हुई।
विदेश से रंगदारी मांगता था
हरबिलास हत्याकांड के बाद वेंकट गर्ग विदेश में बैठकर भी रंगदारी मांगता था। नारायणगढ़ के कई कारोबारियों ने उसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकाता था और अपने गुर्गों से फायरिंग करवा देता था। उसकी गिरफ्तारी तक पुलिस ने कई कारोबारियों को सुरक्षा भी दी थी। अंबाला के डीएसपी अमन ने कहा कि वेंकट गर्ग को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जाएगा।
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- अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और चंडीगढ़ में फैला है वेंकट गर्ग का नेटवर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा एसटीएफ ने बसपा नेता हरबिलास हत्याकांड के मुख्य आरोपी वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से भारत प्रत्यर्पित कर हिरासत में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से वीरवार सुबह उसे दिल्ली लाया गया। यह भारत और जॉर्जिया के बीच पहला प्रत्यर्पण मामला है। साल 2026 में विदेशों से अपराधियों को वापस लाने की एसटीएफ हरियाणा की यह दसवीं बड़ी कार्रवाई है।
अंबाला लाने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इससे उसके गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को काबू करने में मदद मिलेगी। वेंकट गर्ग नारायणगढ़ की चंदना कॉलोनी का मूल निवासी है। वह अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में सक्रिय 53 सदस्यीय गिरोह का संचालन करता था। उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और रंगदारी जैसे कुल 30 गंभीर मामले दर्ज हैं। भारत से भागने से पहले उस पर 20 मामले दर्ज थे।
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नारायणगढ़ में 25 जनवरी 2025 को बसपा नेता हरबिलास की हत्या हुई थी। जमीनी विवाद के चलते हुई इस हत्या का वेंकट गर्ग मास्टरमाइंड था। हत्या से पहले ही वह विदेश भाग गया था। उसके इशारे पर हरबिलास को कार में गोली मारी गई थी। विदेश भागने के बाद भी वेंकट ने अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी और फायरिंग जारी रखी। इस दौरान उस पर 10 और मामले दर्ज किए गए।
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फर्जी पासपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि वेंकट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को दिल्ली से भागा था। उसने फर्जी पासपोर्ट के सहारे संयुक्त अरब अमीरात का रास्ता लिया और 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया पहुंचा। उसने गुरुग्राम के फर्जी पते पर पासपोर्ट हासिल किया था। इस धोखाधड़ी के बाद 4 फरवरी 2025 को उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया। अदालत से छह गिरफ्तारी वारंट और इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी का पता चला और प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू हुई।
विदेश से रंगदारी मांगता था
हरबिलास हत्याकांड के बाद वेंकट गर्ग विदेश में बैठकर भी रंगदारी मांगता था। नारायणगढ़ के कई कारोबारियों ने उसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकाता था और अपने गुर्गों से फायरिंग करवा देता था। उसकी गिरफ्तारी तक पुलिस ने कई कारोबारियों को सुरक्षा भी दी थी। अंबाला के डीएसपी अमन ने कहा कि वेंकट गर्ग को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जाएगा।