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Gurugram News: आरटीआई ने लगाई सीएचसी दवा गबन मामले पर मोहर, खुलासा

Mon, 23 Dec 2024 11:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2024 11:17 PM IST
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RTI put a seal on CHC medicine embezzlement case, revealed
मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के नाम पर सरकार ने दिया था 75 लाख रुपये का बजट
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मोहम्मद मुस्तफा
पिनगवां। करीब 80 हजार की आबादी वाले 21 गांवों की सेहत सुधारने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के नाम पर पिनगवां सीएचसी को दवा खरीदने के लिए दी गई 75 लाख रुपये की राशि को तत्कालीन एसएमओ द्वारा खुर्द बुर्द किया गया, जिसका सीएचसी के पास कोई लेखा जोखा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए आरटीआई के जवाब से इसका खुलासा हुआ है। इतनी बड़ी रकम को आसानी से खुर्द बुर्द करने से नहीं लगता है कि स्वास्थ्य विभाग लोगों की सेहत सुधारने के लिए गंभीर है। लोगों का कहना है कि जिले की अन्य सीएचसी व पीएचसी में भी इस तरह के गबन होने की आशंका है। बशर्ते कि विभाग के उच्च अधिकारी सही और ईमानदारी से जांच करें। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री से भी मिलने की बात कह रहे हैं।

कस्बे के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग से अपनी आरटीआई में जवाब मांगा है कि एक जनवरी से सितंबर माह तक सीएचसी में कितना बजट आया और कहां कहां पर खर्च हुआ। विभाग से मिले आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के नाम पर 75 लाख रुपये का बजट दवाइयां खरीदने के लिए सरकार द्वारा दिया गया। इसमें से सीएचसी के पास 72,578 रुपये के बिल उपलब्ध हैं। बाकि राशि के बिल उपलब्ध नहीं होना बड़े गबन की ओर संकेत है। यहां के तत्कालीन एसएमओ द्वारा मिलीभगत करके दवा बजट को खुर्द बुर्द किया गया। हालांकि, इस मामले में कई लोगों की शिकायतों पर विभाग द्वारा कई कमेटी भी जांच के लिए गठित की गईं, लेकिन चार महीने से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी कमेटी की जांच अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। इससे लगता है कि 75 लाख के इस गबन पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है मामले को रफा दफा करने के लिए उन्हें तरह-तरह का प्रलोभन भी दिया जा रहा है।
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कई महीनों से कमेटी कर रहीं जांच, नहीं हुई पूरी

सीएचसी में हुए 75 लाख के दवा बजट गबन मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग की कमेटी पिछले कई महीने से करती आ रही है, लेकिन अभी तक उनकी जांच पूरी नहीं हो पाई है। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग मामले को ठंडे बस्ते में डालकर भुलाना चाहता है। इसके कारण गठित की गई कमेटी अपनी जांच को आगे नहीं बढ़ा पा रही है। हालांकि, लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की लीपापोती को देखते हुए मामले की शिकायत विजिलेंस को भी की हुई है। लेकिन अभी तक विजिलेंस टीम भी कार्रवाई नहीं कर पाई है।
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सिफारिशों का दौर शुरू

मामले में जांच कर कार्रवाई कराने के लिए विभाग को शिकायत लगाने वाले लोगों का कहना है कि इधर उधर से परिचित लोगों द्वारा उन पर मामले को रफा दफा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसकी एवज में उन्हें तरह तरह का प्रलोभन भी दिया जा रहा है।


कमेटी मामले की जांच कर रही है। निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। गबन के इस मामले में जो भी शामिल पाया जाएगा। उस पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सर्वजीत, सिविल सर्जन नूंह।
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