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Gurugram News: नवनिर्मित अस्पताल में बिजली का बैकअप नहीं, मरीज परेशान

Fri, 07 Jul 2023 08:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2023 08:43 PM IST
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No power backup in newly constructed hospital, patient upset
फर्रुखनगर अस्पताल की हालत। 
नवनिर्मित अस्पताल में बिजली का बैकअप नहीं, मरीज परेशान
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- उपमंडल अस्पतालों में कहीं बिजली का बैकअप नहीं, कहीं घूम रहे पशु
- बुजुर्गों के लिए लिफ्ट और रैंप भी नहीं, जांच के उपकरणों का भी अभाव


संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर-सोहना। फर्रुखनगर के नवनिर्मित उपमंडल अस्पताल में पावर बैकअप की कमी के कारण मरीजों को कई-कई घंटे गर्मी में गुजारने पड़ रहे हैं। अस्पताल में अभी निर्माण कार्य जारी है। चार मंजिला अस्पताल में केवल दो मंजिल ही मरीजों के इलाज के लिए शुरू की गई हैं। हालांकि, इसमें भी पूरी सुविधा उपलब्ध नहीं है। मरीजों को लिफ्ट, रैंप और लाइट की कमी हर दिन परेशान कर रही है।
इसी तरह सोहना उपमंडल अस्पताल में मरीजों को परिसर में ही पशुओं के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। अस्पताल परिसर के अंदर निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा हुआ है। ऐसे में मरीजों को उपमंडल स्तर पर चिकित्सा सुविधा लेने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। उपमंडल नागरिक अस्पताल के नवनिर्मित भवन में मुलभूत सुविधाओं के अभाव से मरीज परेशान हैं। बिजली जाने पर मरीजों के लिए पावर बैकअप की सुविधा नहीं है। यह हाल तब है जब मुख्यमंत्री ने हाल ही में यहां नवनिर्मित 50 बेड के नागरिक अस्पताल का उद्घाटन किया।
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लगभग 25 करोड़ रूपये की लागत से बना अस्पताल अभी निर्माणाधीन है। कुल चार मंजिला इमारत में दो का काम अभी लंबित है। अस्पताल में फायर फाइटिंग, फाल्स सीलिंग, होट फीडर लाइन, पावर बैकअप के लिए जनरेटर तक की सुविधा नहीं है। मरीजों का कहना है कि यहां 24 घंटे प्रसव सुविधा शुरू की गई है। इमरजेंसी सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन रात में बिजली जाने पर अस्पताल में आने तक भी मुश्किल होती है। अस्पताल में अभी तक हाई मास्क लाइट नहीं लगाई गई। दो मंजिल इमारत में चढ़ने के लिए न तो लिफ्ट की कोई सुविधा दी गई। न ही रैंप ही मरीजों के लिए तैयार किया गया। ऐसे में मरीजों को ऊपर नीचे चढ़ने में काफी परेशानी हो रही है। अस्पताल में जांच कराने पहुंची सुशिला ने बताया कि वह दूसरी मंजिल पर चढ़ने के लिए कई बार सोचने को मजबूर हुई। उसके घुटनों में दर्द है और वह जांच के लिए अस्पताल आई थी।
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अस्पताल में फिलहाल रेडियोग्राफर, नेत्र जांच सहायक के पद रिक्त हैं। इसमें मेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक की कमी हैं। यहां तक की पूरे अस्पताल में मात्र एक शौचालय है। इसके अलावा कई जांच उपकरण भी चिकित्सा कर्मियों को उपलब्ध नहीं कराए गए। टीबी मरीजों को इस कारण काफी परेशानी हो रही है। मरीज परिसर से बगैर जांच कराए लौट रहे हैं।

उच्च अधिकारियों को मूलभूत सुविधाओं की कमियों के बारे में जानकारी दे दी गई है। अस्पताल में टीबी मरीजों की जांच के लिए लैब नहीं है। अस्पताल में 24×7 इमरजेंसी सुविधा व प्रसव की सुविधा दी जा रही है।- कृष्णा, एसएमओ, फर्रुखनगर

अभी अतिरिक्त चार्ज मिला है। जल्द अस्पताल का कायाकल्प करेंगे।- इंद्रजीत, अतिरिक्त प्रभारी, एसएमओ सोहना

फर्रुखनगर अस्पताल की हालत। 

फर्रुखनगर अस्पताल की हालत। 

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