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Gurugram News: सफाई के नाम पर 65 करोड़ रुपये अधिक भुगतान मामले में जांच शुरू
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मुख्यालय से गठित कमेटी करेगी जांच, दो साल के लिए 105 करोड़ में हुआ था करार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम मानेसर में तीन साल पहले कूड़ा उठाने वाली कंपनी के नाम पर 65 करोड़ के गोलमाल की जांच शुरू हो गई है। मानेसर नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने वाली एजेंसी से दो साल के लिए 105 करोड़ रुपये में करार हुआ था, जिसमें से 90 करोड़ रुपये कंपनी को जा चुके हैं। उसी काम के लिए प्रदेश की नई सरकार की ओर से पांच साल के लिए 35 करोड़ में ठेका हुआ है। उस कंपनी को भुगतान करने वाले अब जांच के दायरे में हैं। शहरी निकाय विभाग की ओर से गठित होने वाली कमेटी इस मामले की जांच करेगी।
मानेसर निगम ने फरवरी 2023 में आकांक्षा इंटरप्राइजेज को 105 करोड़ रुपये की लागत से सड़क सफाई का टेंडर सौंपा था। मानेसर निगम के 30 गांव और कुछ सेक्टरों की सड़कों की सफाई मशीनों और 1900 कर्मचारियों से करवानी थी। आरोप है कि एजेंसी ने 500 के आसपास कर्मचारियों से ही सफाई करवाई। निगम अधिकारी बिना किसी जांच के ही एजेंसी को हर माह साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान करते रहे। हालांकि, कंपनी की ओर से लापरवाही बरतने पर निगम आयुक्त ने एजेंसी पर साढ़े चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद मौजूदा निगमायुक्त ने भी जांच कर एजेंसी पर नौ करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। दो साल में एजेंसी को 105 करोड़ में से 90 करोड़ का भुगतान बिना जांच के कर दिया गया। इसमें बिलों का भुगतान करने वाले सफाई निरीक्षक, कार्यकारी अभियंता और एचसीएस स्तर के अधिकारी शामिल रहे। टेंडर का एस्टीमेट बनाने वाले इंजीनियर भी इसमें शामिल रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो और सीएम फ्लाइंग ने भी इसकी अलग-अलग जांच शुरू कर दी है। इसको लेकर निगम से टेंडर से संबंधित बीते माह ही रिकॉर्ड लिया है।
कम राशि में अधिक समय के लिए काम सौंपा जाएगा
अधिक भुगतान का खुलासा निगम द्वारा लगाए गए नए टेंडर से भी हुआ। फरवरी 2023 में निगम ने सड़कों की सफाई के लिए 105 करोड़ का टेंडर दो साल के लिए निजी एजेंसी को सौंपा था, लेकिन इसी काम के लिए मानेसर निगम को पांच साल के लिए सिर्फ 35 करोड़ में निजी एजेंसी को सौंपने की अनुमति शहरी स्थानीय निकाय विभाग से आ गई है। नए टेंडर में सिर्फ 360 सफाईकर्मियों को शामिल किया है।
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वर्जन
नगर निगम में सफाई के टेंडर मामले की जांच चल रही है। जांच के दौरान दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सरकार की ओर से कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान सफाई का टेंडर 35 करोड़ का आवंटित किया गया है। - आयुष सिन्हा आयुक्त, नगर निगम, मानेसर, गुरुग्राम।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम मानेसर में तीन साल पहले कूड़ा उठाने वाली कंपनी के नाम पर 65 करोड़ के गोलमाल की जांच शुरू हो गई है। मानेसर नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने वाली एजेंसी से दो साल के लिए 105 करोड़ रुपये में करार हुआ था, जिसमें से 90 करोड़ रुपये कंपनी को जा चुके हैं। उसी काम के लिए प्रदेश की नई सरकार की ओर से पांच साल के लिए 35 करोड़ में ठेका हुआ है। उस कंपनी को भुगतान करने वाले अब जांच के दायरे में हैं। शहरी निकाय विभाग की ओर से गठित होने वाली कमेटी इस मामले की जांच करेगी।
मानेसर निगम ने फरवरी 2023 में आकांक्षा इंटरप्राइजेज को 105 करोड़ रुपये की लागत से सड़क सफाई का टेंडर सौंपा था। मानेसर निगम के 30 गांव और कुछ सेक्टरों की सड़कों की सफाई मशीनों और 1900 कर्मचारियों से करवानी थी। आरोप है कि एजेंसी ने 500 के आसपास कर्मचारियों से ही सफाई करवाई। निगम अधिकारी बिना किसी जांच के ही एजेंसी को हर माह साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान करते रहे। हालांकि, कंपनी की ओर से लापरवाही बरतने पर निगम आयुक्त ने एजेंसी पर साढ़े चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद मौजूदा निगमायुक्त ने भी जांच कर एजेंसी पर नौ करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। दो साल में एजेंसी को 105 करोड़ में से 90 करोड़ का भुगतान बिना जांच के कर दिया गया। इसमें बिलों का भुगतान करने वाले सफाई निरीक्षक, कार्यकारी अभियंता और एचसीएस स्तर के अधिकारी शामिल रहे। टेंडर का एस्टीमेट बनाने वाले इंजीनियर भी इसमें शामिल रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो और सीएम फ्लाइंग ने भी इसकी अलग-अलग जांच शुरू कर दी है। इसको लेकर निगम से टेंडर से संबंधित बीते माह ही रिकॉर्ड लिया है।
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कम राशि में अधिक समय के लिए काम सौंपा जाएगा
अधिक भुगतान का खुलासा निगम द्वारा लगाए गए नए टेंडर से भी हुआ। फरवरी 2023 में निगम ने सड़कों की सफाई के लिए 105 करोड़ का टेंडर दो साल के लिए निजी एजेंसी को सौंपा था, लेकिन इसी काम के लिए मानेसर निगम को पांच साल के लिए सिर्फ 35 करोड़ में निजी एजेंसी को सौंपने की अनुमति शहरी स्थानीय निकाय विभाग से आ गई है। नए टेंडर में सिर्फ 360 सफाईकर्मियों को शामिल किया है।
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नगर निगम में सफाई के टेंडर मामले की जांच चल रही है। जांच के दौरान दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सरकार की ओर से कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान सफाई का टेंडर 35 करोड़ का आवंटित किया गया है। - आयुष सिन्हा आयुक्त, नगर निगम, मानेसर, गुरुग्राम।