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हरियाणा: मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दो टूक, खुले में नहीं होगी नमाज, कोई किसी के अधिकारों में हस्तक्षेप न करे
Fri, 10 Dec 2021 06:51 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 10 Dec 2021 06:51 PM IST
सार
मनोहर लाल ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के पास बहुत सी जमीनें हैं, जहां उन्हें अनुमति दी जाए। कुछ जमीनें ऐसी भी हैं, जो उनकी अपनी या वक्फ बोर्ड की होंगी, जो गैर-विवादित जगहें हैं। उन्हें वह स्थान उपलब्ध कराए जाएं या फिर वह अपने घर में नमाज पढ़ें।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : Twitter
विस्तार
खुले में नमाज विवाद को लेकर प्रदेश सरकार ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। शुक्रवार को गुरुग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां दो टूक कहा कि किसी भी कीमत पर खुले में नमाज नहीं होने दी जाएगी। इस मसले पर कोई टकराव न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन और जिला उपायुक्त को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। कोई अपनी जगह पर नमाज पढ़ता है, पाठ करता है, पूजा करता है, इसमें हमें कोई दिक्कत नहीं है। धार्मिक स्थल इन कामों के लिए ही बने हैं लेकिन कोई किसी के अधिकारों में हस्तक्षेप न करे। खुले में नमाज पढ़ने की जो प्रथा चल पड़ी है, उसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जीएमडीए की नौंवी बोर्ड बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, प्रदेश के कबीना मंत्री मूलचंद शर्मा, गुरुग्राम से भाजपा के विधायक सुधीर सिंगला, तावड़ू विधायक कुंवर संजय सिंह, पटौदी विधायक सत्यप्रकाश जरावता, बादशाहपुर विधायक राकेश दौलताबाद, उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, पुलिस कमिश्नर केके राव, जीएसडीए के सीईओ सुधीर राजपाल सहित अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के पास बहुत सी जमीनें हैं, जहां उन्हें अनुमति दी जाए। कुछ जमीनें ऐसी भी हैं, जो उनकी अपनी या वक्फ बोर्ड की होंगी, जो गैर-विवादित जगहें हैं। उन्हें वह स्थान उपलब्ध कराए जाएं या फिर वह अपने घर में नमाज पढ़ें। खुले में नमाज पढ़कर आपसी टकराव नहीं होने दिया जाएगा। किसी को भी किसी भी प्रकार की जबरदस्ती नहीं करने दी जाएगी। मुस्लिम समुदाय के साथ बैठकर इस मामले का पक्का समाधान निकाला जाएगा। इस मामले को हल करना है, लेकिन खुले में ऐसे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए। इस संबंध में पहले जो भी फैसले किए गए, वह सब रद्द किए जाते हैं। अब नए सिरे से बातचीत करके हल निकाला जाएगा।
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